ब्रेकिंग
किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर के जन्मदिन पर शुभकामनाओं का सिलस... आयुष्मान भारत के सीईओ अरविंद शाह ने मध्यप्रदेश में मरीजों के ईलाज में गड़बड़ करने वाले 2 हॉस्पिटल के व... पिपलियामंडी पुलिस द्वारा अवैध शराब परिवहन करते आरोपी गिरफ्तार भैंसोदामंडी नगर परिषद सीएमओ ने चुनाव से पूर्व दिखाई दबंगाई, नवनिर्माणाधीन भवन के विरुद्ध जारी किया न... अभिषेक आनंद भापुसे (2018) को पुलिस अधीक्षक मंदसौर नारकोटिक्स विभपाग का अतिरिक्त प्रभार मिला कृष्ण मंदिरों में आज गूंजेगा जय कन्हैया लाल की, जन्माष्टमी पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, बांके-बिहार... भानपुरा पुलिस की सट्टा एक्ट के तहत कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई शेरगढ़ में 10 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा-प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म दिवस पर 17 सितंबर को महाकाल महालोक म...

“स्थानांतरण नीति 2025“ मे ग्राम पंचायत सचिव कई वर्षों से पदस्थ तो स्थानांतरण होगा, प्रशासन द्वारा यह प्रक्रिया मई माह में ही पूरी की जानी है। 

भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायत सचिव, “स्थानांतरण नीति 2025“ के मुख्य बिंदु जो तय हूए है उनके अनुसार ग्राम पंचायत सचिव अगर पंचायत मे कई वर्षों से पदस्थ है तो उनका स्थानांतरण होगा। B4 Times India को प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार “स्थानांतरणनीति“ मे सचिव को पैतृक या ससुराल की पंचायत में पदस्थ नहीं किया जा सकेगा। प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पंचायत सचिवों के लिए जारी की गई “स्थानांतरण नीति“ के अनुसार संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद कलेक्टर द्वारा ये स्थानांतरण करेंगे। हालांकि पंचायत सचिवों का स्थानांतरण आदेश जिला पंचायत सीईओ द्वारा ही जारी किया जाएगा।
“स्थानांतरण नीति“ मे महिला सचिव विवाहित, विधवा या तलाकशुदा के स्वेच्छिक आवेदन पर अंतर जिला स्थानांतरण किया जा सकेगा।
अंतर जिला स्थानांतरण लिए दोनों जिलों के जिला पंचायत सीईओ की एनओसी अनिवार्य होगी।
प्रशासकीय अनुमोदन के बाद स्थानांतरण आदेश पंचायतराज विभाग के संचालक द्वारा जारी किया जाएगा।

प्रदेश में स्थानांतरण की प्रक्रिया मई माह में ही पूरी की जानी है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने प्रदेश की पंचायतों में पदस्थ सचिवों के लिए जारी स्थानांतरण दिशा-निर्देश जारी अंतर्गत पंचायत में कई वर्षों से पदस्थ सचिवों पर सबसे पहले गाज गिरेगी। “स्थानांतरण नीति“ के अंतर्गत किसी भी सचिव को पैतृक पंचायत में स्थानांतरित नहीं हो किया जाएगा। पंचायतों में हर काम में भाई भतीजावाद के सबसे ज्यादा आरोप लगते हैं जिसे देखते हुए “स्थानांतरण नीति“ मे ग्राम पंचायत सचिव का स्थानांतरण उसकी ससुराल की पंचायत में नहीं किया जाएगा। “स्थानांतरण नीति“ में सचिवों के अंतर जिला स्थानांतरण के लिए दोनों जिलों के जिला पंचायत सीईओ की एनओसी अनिवार्य की गई है। सबसे पहले पंचायत में 10 साल से पदस्थ सचिवों के स्थानांतरण किये जाएगें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.