सिहोर। मध्य प्रदेश में शासकीय कर्मचारियों की असंतुष्टि एक बार फिर सड़कों पर दिखी। महंगाई भत्ता तो बढ़ा, लेकिन अन्य लंबित मांगों पर अब भी सरकार की चुप्पी कायम है। इसी के विरोध में सीहोर में कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सरकारी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम 51 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। मुख्य मांगें : संयुक्त मोर्चा के अनुसार, सरकार लगातार कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रही है। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से शामिल हैं—अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त हो। लिपिकों की ग्रेड-पे विसंगति दूर की जाए। टैक्सी प्रथा को बंद किया जाए। वाहन चालकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदनाम बदले जाएं। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो संयुक्त मोर्चा बड़े आंदोलन की राह अपनाएगा। प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज किए जाएंगे। अब देखना यह होगा कि सरकार कर्मचारियों की इन मांगों को गंभीरता से लेती है या फिर टकराव की स्थिति बनती है। News @ Copy khas khabar
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