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मध्यप्रदेश में एक बड़े खतरे का संकेत.?..माफिया के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने की अवश्यकता-कैलाश चावला पुर्व गृहमंत्री

भोपाल। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में एक बार फिर सरकार को एंटी माफिया अभियान (anti mafia campaign) चलाने की अवश्यकता है। पुर्व गृह मंत्री कैलाश चावला ने अपने सोशल मीडिया अंकाउट पर एक लंबा लेख लिखते हुए एक बड़े खतरे का संकेत क्यों बताया…। पढ़े पुर्व गृह मंत्री श्री चावला का पुरा लेख।

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मध्यप्रदेश में कई वर्षो से ड्रग माफिया व रेत माफिया के सक्रिय होने के समाचार निरंतर आ रहे है। इनकी जड़े इतनी गहरी और मजबूत हो गई है की पुलिस के प्रयास असफल होते नजर आ रहे हैं। इनके हौसले इतने बुलंद है की सम्बंधित विभाग के अधिकारियों पर प्राण घातक हमला करने का दुसाहस करने व उनकी हत्या भी करने का साहस करते है। चंबल क्षेत्र इस क्षेत्र में कुख्यात हो चुका है।
श्री चाला ने लिखा कि ड्रग माफिया का एक बड़ा रैकेट भोपाल में पकड़ा गया। राजधानी में इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग का निर्माण और सप्लाय होना एक बड़े खतरे का संकेत हैं। अगर इन माफियो को जड़ मूल से समाप्त करने की मुहिम ना चलाई गई तो नवजवान पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आकर बर्बाद हो सकती है।
मन्दसौर जिला और मालवा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। यहां की स्तिथि तो और भी विचित्र ही। पिछले दिनों कई पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी तस्करों के साथ मिलकर तस्करी करते हुए पाए जाने पर विभागीय कार्यवाही कर दंडित किए गए।
मंदसौर जिले के कुछ थाना क्षेत्र तो इस दृष्टि से पुलिस अधिकारियों का विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए है। इस क्षेत्र में विशेष रूप से डोडा चूरा और अफीम की तस्करी होती है जो सर्व विदित है।
इसके साथ ही इनमे जो कुछ प्रकरण बनाए जाते ही उनमें बेगुनाह किसानों के नाम एनडीपीएस की धारा 8/29 में जोड़ने की धमकी देकर किसानों से बडी राशि की वसूली की जाती है जिससे किसान परेशान है। पिछले विधान सभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराजसीह जी ने दलौदा की एक चुनावी सभा में इसमें समाधान किए जाने की घोषणा भी की गई थी ।किसानों को इस लूट से बचाने के लिए कुछ उपाय किए जाना आवश्यक है। अगर उक्त धारा को जमानतीय कर दिया जावे तो कम से कम जो निर्दोष किसानों से जो लाखो रूपयो की वसूली होती है उसे रोका जा सकता है।

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