भोपाल। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास के लिए उद्योग विभाग के माध्यम से राज्य शासन के स्वामित्व वाली नई कंपनी का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि वे स्वयं कंपनी की गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता करेंगे। इससे परियोजना से जुड़े निर्णयों में तेजी आएगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
पहले चरण में 10 हजार एकड़ तक भूमि का विकास
परियोजना के प्रथम चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास को गति देना और निवेश के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
तीन साल में 6 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना
मुख्यमंत्री के अनुसार, आगामी तीन वर्षों में इस परियोजना के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने और 6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इस पहल से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।