दीपाखेड़ा में युवक की मारपीट के बाद मौत, आक्रोशित परिजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग,घटना के बाद पुलिस ने दशरथ और नागु सिंह को राउंडअप कर लिया है। दोनों को सगे भाई बताया गया है। मामले में पुलिस द्वारा पूछताछ एवं आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मंदसौर/सीतामऊ। ग्राम नदपाखेड़ा में लाठी-डंडों से मारपीट के मामले में घायल व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार, ग्राम नदपाखेड़ा निवासी सुरेश के साथ 22 सितंबर 2026 की रात करीब 8रू30 से 9 बजे के बीच कारूलाल कलाल के खेत, शराब ठेके के पीछे मारपीट की गई। आरोप है कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से सुरेश के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल सुरेश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के संबंध में पुलिस ने नागूसिंह पिता गजराज सिंह, उम्र 29 वर्ष तथा दशरथ सिंह पिता गजराज सिंह, उम्र 32 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम नदपाखेड़ा, को आरोपी बनाया है। प्रकरण में थाना सीतामऊ पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(वीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उपलब्ध प्रकरण विवरण में भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 302 एवं 34 का भी उल्लेख है। मामले की विवेचना एसडीओपी दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में की जा रही है। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों की जांच करते हुए आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मध्यप्रदेश, जिला मंदसौर के सीतामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम दीपाखेड़ा में लाठी-सरिए से मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक की उपचार के दौरान मौत के बाद बुधवार को परिजनों और समाजजनों में आक्रोश देखने को मिला। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, आरोपियों के मकान तोड़े जाने, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने सहित विभिन्न मांगें रखीं। पुलिस द्वारा 24 घंटे में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
पुलिस के अनुसार, ग्राम दीपाखेड़ा निवासी सुरेश पिता सीताराम सूर्यवंशी, उम्र 25 वर्ष के साथ मंगलवार रात मारपीट की घटना हुई थी। गंभीर रूप से घायल सुरेश को उपचार के लिए पहले सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे मंदसौर जिला अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
बस स्टैंड से ले जाकर मारपीट करने का आरोप
मृतक के परिजनों के अनुसार, सुरेश मंगलवार रात करीब 8रू30 बजे दीपाखेड़ा बस स्टैंड पर सामान लेने गया था। इसी दौरान दशरथ, नागु सिंह और रामपाल नामक लोगों द्वारा उसे अपने साथ ले जाकर लाठी-सरिए से मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों के मुताबिक, सुरेश के भाई अर्जुन के मौके पर पहुंचने पर आरोपी वहां से चले गए। इसके बाद गंभीर रूप से घायल सुरेश को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
लदुना चौराहे पर किया प्रदर्शन
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने पर वे शव लेकर सीतामऊ की ओर रवाना हुए। इस दौरान लदुना चौराहे पर परिजनों एवं समाजजनों ने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई, मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता तथा प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग उठाई गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में मृतक के भाई अर्जुन के साथ भी इन्हीं लोगों द्वारा मारपीट की गई थी, जिसमें उसका हाथ फ्रैक्चर हुआ था। इस मामले में शिकायत और आरोपियों के जेल जाने की बात भी परिजनों द्वारा कही गई।
दो आरोपी पुलिस हिरासत में
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने दशरथ और नागु सिंह को राउंडअप कर लिया है। दोनों को सगे भाई बताया गया है। मामले में पुलिस द्वारा पूछताछ एवं आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
24 घंटे में कार्रवाई के आश्वासन पर माने परिजन
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन ने मृतक के परिजनों को 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस द्वारा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी रखी गई।
पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि और घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी।
