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एमपी पंचायत चुनाव 2027ः अप्रैल-मई में हो सकते हैं चुनाव, ग्रामसभा के अधिकारों और टैक्स व्यवस्था में बदलाव की तैयारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2027 को लेकर तैयारियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश की करीब 23 हजार ग्राम पंचायतों में अप्रैल-मई 2027 के दौरान चुनाव कराए जाने की संभावना है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के बयानों के बाद चुनावी तैयारियों और पंचायत राज व्यवस्था में संभावित बदलावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनाव कराने की तैयारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से लगभग एक-दो महीने पहले चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में हुए थे। आगामी चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध रिपोर्टों में मतदाता सूची के लिए 1 जनवरी 2027 की स्थिति को आधार बनाए जाने की बात कही गई है। अप्रैल-मई 2027 में चुनाव होने की संभावना है, लेकिन मतदान की तारीख, चरणों और नामांकन कार्यक्रम की पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही होगी।

ग्रामसभा के अधिकारों में हो सकता है बदलाव

पंचायत चुनाव से पहले राज्य सरकार पंचायत राज व्यवस्था में संशोधन करने पर विचार कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, ग्रामसभा की अनिवार्यता बनाए रखते हुए उसके कुछ अधिकार पंचायत समितियों को सौंपने का प्रस्ताव चर्चा में है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो गांवों में विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है। हालांकि, किन अधिकारों का हस्तांतरण किया जाएगा और नई व्यवस्था का स्वरूप क्या होगा, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

नगरपालिकाओं की तर्ज पर पंचायतों को टैक्स लगाने का अधिकार?

सरकार पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से उन्हें स्थानीय स्तर पर कर लगाने के अधिक अधिकार देने की तैयारी भी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, पंचायतों को नगरपालिकाओं की तर्ज पर राजस्व जुटाने की व्यवस्था से जोड़ा जा सकता है। इस व्यवस्था के लागू होने पर पंचायतों को स्थानीय विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त आय जुटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किन मदों पर कर लगाया जा सकेगा, कर की दरें क्या होंगी और नियम किन पंचायतों पर लागू होंगे, इस बारे में अंतिम निर्णय का इंतजार है।

मंत्री प्रहलाद पटेल ने दिए बदलाव के संकेत

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बालाघाट जिले की ग्राम पंचायत गर्रा में आयोजित सरपंच सम्मेलन के दौरान पंचायत चुनाव समय से पहले कराने और पंचायत राज व्यवस्था में संभावित बदलावों को लेकर जानकारी दी थी। रिपोर्टों में ग्रामसभा के कुछ अधिकार पंचायत समितियों को सौंपने और पंचायतों की राजस्व व्यवस्था मजबूत करने के प्रस्तावों का भी उल्लेख किया गया है। इन प्रस्तावों पर आगे होने वाले सरकारी निर्णय ग्रामीण प्रशासन की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं।

2,472 पंचायत भवनों के लोकार्पण की तैयारी

मीडिया रिपोर्टों में प्रदेश में तैयार किए गए 2,472 पंचायत भवनों का 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर लोकार्पण किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इन भवनों के निर्माण के लिए प्रति भवन 37.50 लाख रुपये की राशि का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, प्रदेश में 3,700 से अधिक सामुदायिक भवनों के निर्माण की जानकारी भी रिपोर्टों में सामने आई है। इन भवनों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराना है।

आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम का इंतजार

मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव 2027 को लेकर अप्रैल-मई का समय संभावित बताया जा रहा है। फिलहाल इसे घोषित चुनाव कार्यक्रम नहीं माना जाना चाहिए। चुनाव की तारीखों, मतदाता सूची और अन्य प्रक्रियाओं से संबंधित अंतिम जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना से ही स्पष्ट होगी। इसी तरह ग्रामसभा के अधिकारों में बदलाव और पंचायतों को अतिरिक्त कर लगाने का अधिकार देने संबंधी प्रस्तावों पर भी अंतिम नियम जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। आने वाले महीनों में इन विषयों पर होने वाले सरकारी फैसलों पर ग्रामीण क्षेत्रों की नजर रहेगी।

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