सागर के बंडा में मादक पदार्थ से मौत का मामलारू न्यायिक जांच आयोग गठित, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विष्णु प्रताप सिंह चौहान होंगे एकल सदस्य, तीन माह में सौंपनी होगी रिपोर्ट
भोपाल,। सागर जिले की बंडा तहसील क्षेत्र में मादक पदार्थ के सेवन से हुई मृत्यु एवं अस्वस्थता की घटना की न्यायिक जांच के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एकल सदस्य जांच आयोग का गठन किया है। राज्य शासन ने 12 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना जारी कर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विष्णु प्रताप सिंह चौहान को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
जांच आयोग को घटना के कारणों, स्वरूप और उससे जुड़ी परिस्थितियों का परीक्षण कर तथ्यात्मक स्थिति निर्धारित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र के आबकारी अधिकारियों, पुलिस तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन की स्थिति की भी जांच की जाएगी।
आयोग भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण एवं निगरानी व्यवस्था को लेकर आवश्यक उपायों की अनुशंसा भी करेगा।
सागर रहेगा आयोग का मुख्यालय
राज्य शासन की अधिसूचना के अनुसार जांच आयोग का मुख्यालय सागर रहेगा। आयोग को मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से तीन माह के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करनी होगी।
सरकार ने जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 5 की उपधारा (2), (4) एवं (5) के प्रावधानों को भी गठित आयोग पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा जारी की गई है।

