मुख्यमंत्री ने की ब्रह्म ध्वज की स्थापना, नवसंवत्सर पर्व पर सभी के लिए की मंगलकामना- मुख्यमंत्री डॉ. यादव, “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर मे भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज गुड़ी पड़वा है। संपूर्ण सृष्टि में गुड़ जैसी मिठास फैल गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारी भारतीय संस्कृति में आज से नव संवत्सर एवं नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि नव संवत्सर सृष्टि के आरंभ दिवस की अमृत बेला को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। आज से एक नए संवत् और भारतीय नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। हमारे यहां संवत् सृष्टि के साथ, प्रकृति के सानिध्य में और शासक के पुरुषार्थ से प्रारंभ होता है। सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त किया। तत्कालीन समाज के अराजक तत्वों और आतताईयों का दमन किया। उन्होंने अपनी संपूर्ण प्रजा को कर्जमुक्त बनाया। सच्चे अर्थों में सामाजिक सद्भाव की नींव रखी। वे लोकतंत्र के महानायक थे। उनके पुरुषार्थ से ही प्रारंभ किया गया विक्रम संवत् आज 2083 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के ओजस्वी शासन उनके शौर्य, साहस, पराक्रम एवं न्याय के प्रतिमानों को आत्मसात करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास किया। हम समाज के हर वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत हैं। हमने वीर विक्रमादित्य शोधपीठ सहित वैदिक घड़ी की भी स्थापना की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों को सृष्टि के आरंभ दिवस, गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, नववर्ष विक्रम संवत् 2083 के आरंभ, घट स्थापना, नवरात्रि आरंभ, ज्योर्तिविज्ञान दिवस, नवरेह सहित आज देशभर में मनाये जा रहे सभी पर्वों की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रम्ह ध्वज की स्थापना कर कहा कि यह ध्वज हमें सदैव एकजुट रहकर देश-प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है।
“जल गंगा जल संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर मे भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के अवसर पर मंदसौर स्थित श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (आराधना हॉल) में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सूर्य उपासना कर विधिवत ब्रह्मध्वज की स्थापना की। भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसोदिया, संत महेशमणि चैतन्य महाराज, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने वर्ष प्रतिपदा की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आमजन को भारतीय संस्कृति एवं इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी के लिए नववर्ष को मंगलमय, सुखद एवं प्रदेश व देश के लिए कल्याणकारी होने की कामना की।
कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य उपासना से हुई, जिसके पश्चात ब्रह्मध्वज स्थापित किया गया। यह आयोजन भारतीय नववर्ष वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदिर परिसर में आमजन की सुविधा के लिए निर्मित प्याऊ का लोकार्पण किया
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शक्रवार को मंदसौर भगवान श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंदिर परिसर में आमजन की सुविधा के लिए निर्मित प्याऊ का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन, पत्रकार उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और वर्तमान समय में जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” के माध्यम से जिले में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे। यह अभियान 30 जून 2026 तक संचालित होगा। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत तालाबों, नदियों, कुओं, बावड़ियों सहित अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साथ ही इन जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, गहरीकरण एवं मरम्मत के कार्य भी सुनिश्चित किए जाएंगे, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल शासन का नहीं, बल्कि जन-जन का अभियान है। इसमें आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं शासकीय विभागों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपील की कि जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखें।
इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में शुरू की गई प्याऊ व्यवस्था की सराहना की और कहा कि इससे श्रद्धालुओं एवं आमजन को गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा, जो एक सराहनीय पहल है।

जल गंगा संवर्धन अभियान‘ के अंतर्गत प्राचीन ऐतिहासिक ‘सात सहेलियों की बावड़ी’ पर श्रमदान किया
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद (योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) जिला मंदसौर द्वारा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान‘ के अंतर्गत प्राचीन जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन हेतु आज जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक ‘सात सहेलियों की बावड़ी‘ पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। परिषद की जिला समन्वयक तृप्ति वैरागी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरूआत बावड़ी की पूजा अर्चना कर श्रमदान किया गया। स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर बावड़ी परिसर में जमी गंदगी और झाड़ियों की सफाई की। 
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विनय दुबेला ने उपस्थित जनसमूह को जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और उनके संरक्षण की शपथ दिलवाई। विकासखंड समन्वयक अर्चना भट्ट एवं अन्य वक्ताओं ने जल संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन जल संरचनाओं को बचाना भविष्य की पीढ़ी के लिए अनिवार्य है। कार्यक्रम का समापन विधि-विधान से जल पूजन के साथ हुआ, जहाँ सभी उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण का संकल्प लिया।
साथ ही यह अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जिले में प्रस्फुटन समितियों, नवांकुर संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्राम व नगर में प्रभात फेरी, कलश यात्रा, भूमि पूजन, वृक्ष पूजन, जलस्त्रोत पूजन, मानस पाठ, भजन संध्या, दीपमाला, संकीर्तन आरती, जल मंदिर स्थापना आदि कार्य किये जायेंगे। उक्त कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक नारायण सिंह निनामा, मुकेश सोलंकी, अर्चना रामावत, दशरथ नायक, परामर्शदाता रघुवीर सिंह राठौड़, संदीप शर्मा, अनिल सुमन, नवांकुर संस्था प्रियदर्शन सामाजिक सेवा समिति से दिनेश सोलंकी, नगर प्रस्फुटन समिति से विनोद मेहता, हरीश सालवी, संतोष सालवी, आशीष गोड़, सामाजिक कार्यकर्ता महेश दुबे, अंकित पालीवाल, निधि पारीक, सी एम इंटर्न संगीता कुंवर, ज्योति व्यास, महिपाल पाटीदार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
