मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में अनूठा कार्य हुआ है। अद्वितीय और अतुलनीय कार्यों से प्रदेश की नई पहचान बन रही है। शिक्षा की गरिमा लौटाते हुए शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई। प्रति सप्ताह और प्रतिमाह कार्य के घंटे निर्धारित कर पाठ्यक्रम पूर्ण करवाने के प्रयास और नई शिक्षा नीति के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा की अध्ययन सामग्री का समावेश महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कुलपति को कुलगुरु का सम्मानजनक नाम देना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल है जिसका सभी तरफ स्वागत हुआ है। जो सांदीपनि विद्यालय जन सुविधाओं के साथ प्रारंभ हो रहे हैं उससे शासकीय विद्यालयों में प्रवेश के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों का आकर्षण बढ़ गया है। आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पूरे देश में अलग पहचान बनाएगा। समग्र विकास की तरफ बढ़ रहे मध्यप्रदेश के नागरिक भी विकास कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित कर अपना योगदान दे रहे हैं।
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