कृषि वैज्ञानिक सप्ताह में तीन दिन और कृषि मंत्री के रूप में, मैं स्वयं भी सप्ताह में दो दिन खेतों में किसानों के बीच जाऊंगा-शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देशभर में विकसित कृषि संकल्प अभियान बहुत सफल हुआ है लेकिन ये अभियान थमेगा नहीं, हम लगातार किसानों के बीच खेतों में जाकर खेती को उन्नत और किसानों को समृद्ध बनाने का प्रयत्न करते रहेंगे। अभियान के अंतर्गत वैज्ञानिकों, अधिकारियों व कृषि विशेषज्ञों की 2170 टीमों ने देशभर में 1.42 लाख से अधिक गांवों में पहुंचकर 1.34 करोड़ से ज्यादा किसानों से सीधा संवाद किया है।
अभियान में मुख्यमंत्रीगण, केंद्रीय मंत्रीगण, राज्यों के मंत्री, सांसद, विधायक सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। चौहान ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी देते हुए अभियान के आधार पर तत्काल कुछ निर्णयों का ऐलान भी किया है। चौहान ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कुछ चीज़ें हम तत्काल करेंगे, इनमें ज्ञान, अनुसंधान व क्षमताओं का जो गैप है, उस गैप को पाटने की कोशिश करेंगे। दूसरा, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, इसलिए केवीके को एक टीम के रूप में नोडल एजेंसी हर जिले के लिए बनाई जाएगी, जो किसानों के हित में कॉर्डिनेट करेगी। केवीके का एक जैसा स्वरूप और उसे सुदृढ़ करने की दिशा में भी हम काम करेंगे। केवीके के वैज्ञानिक अनिवार्य रूप से सप्ताह में तीन दिन खेतों में किसानों के बीच जाएंगे और कृषि मंत्री के रूप में, मैं स्वयं भी सप्ताह में दो दिन खेतों में किसानों के बीच जाऊंगा।
शिवराज सिंह ने अपने अफसरों को भी कहा है कि दफ्तर में बैठकर सारी चीज़ें हम नहीं समझ सकते, इसलिए खेतों में जाना होगा। राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय करने के लिए, विकसित खेती और समृद्ध किसान के लिए काम करने वाली जितनी भी संस्थाएं हैं, उनका एक दिशा में चलना अनिवार्य हैं, और इसलिए इसके समन्वय की भी चर्चा कर निश्चित तौर पर व्यवस्था करेंगे। अब राज्यवार कृषि के लिए आईसीएआर की तरफ से एक नोडल अफसर तय किया जाएगा जो उस राज्य में सारे वैज्ञानिक प्रयोगों को समस्याओं को, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखकर सलाह और सुझाव देगा, राज्य सरकार से संवाद और संपर्क करेगा और मंत्री के रूप में भी अपने अधिकारियों के साथ अलग-अलग राज्य सरकारों के साथ चर्चा करेंगे ताकि उनकी जरूरतों को पूरा कर सकें।
शिवराज सिंह ने बताया कि हमने कोशिश की कि ये अभियान सर्वव्यापी हो, इसलिए ट्राइबल डिस्ट्रिक्ट्स पर भी विशेष ध्यान दिया। ऐसे 177 जिलों के 1024 विकासखंडों में साढ़े 8 हजार से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित हुए और लगभग 18 लाख किसानों तक हम पहुंचे। प्रधानमंत्री जी का एक और फोकस है- आकांक्षी जिले, इन जिलों में भी हमने प्रयास किया कि ये ना छूट जाएं, क्योंकि यहां काम करने की ज्यादा जरूरत है। 112 आकांक्षी जिलों में 802 ब्लॉक्स में टीमें लगभग 6800 गांवों में पहुंची और 15 लाख किसानों से वैज्ञानिकों का संवाद हुआ। एक और फोकस हमने वाईब्रेंट विलेज पर भी किया था, वो जिले भी लगभग 100 हैं, तो उनमें भी हमने कोशिश की है कि हर जिले का कोई न कोई एक सीमावर्ती गांव लिया जाएं, सुदूर के गांवों में भी हमारे वैज्ञानिक पहुंचे। News Copy@EMS