ESB भोपाल द्वारा 15 मई को समूह 1- उप समूह 3 की संयुक्त परीक्षा 2024 आयोजित की गई थी। प्रथम पाली के कैंडिडेट सुबह सुबह 8 बजे से परीक्षा केंद्र में करीब 11:30 बजे कैंडिडेट्स को कहा गया कि आज परीक्षा नहीं होगी।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल ने बेराजगार युवाओं के साथ अजीब बर्ताव किया है। पहले नियम कार्यक्रम के तहत परीक्षा देने बुलाया और फिर सेंटर पर ढाई घंटे खड़ा रखने के बाद कह दिया परीक्षा स्थगित हो गई।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा 15 मई को समूह 1- उप समूह 3 की संयुक्त परीक्षा 2024 आयोजित की गई थी। प्रथम पाली के कैंडिडेट सुबह सुबह 8 बजे से परीक्षा केंद्र में सभी फॉर्मेलिटीज पूरी करने के बाद एग्जाम देने की तैयारी में थे। सुबह 9:00 से उन ढाई घंटे इंतजार करने के बाद करीब 11:30 बजे कैंडिडेट्स को कहा गया कि आज परीक्षा नहीं होगी। इसके बाद जब उनके द्वारा विरोध जताया गया तो उन्हें मध्य प्रदेश कर्मचारी मंडल का एक नोटिफिकेशन दिखाया गया। जिसमें समूह एक- उप समूह तीन संयुक्त भर्ती परीक्षा 2024 की प्रथम पाली को तकनीकी समस्या का कारण बताते हुए स्थगित करने की बात कही गई।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल ने 15 मई को समूह 1- उप समूह 3 की संयुक्त परीक्षा 2024 का आयोजन किया। पहले शिफ्ट के उम्मीदवार सुबह 8 बजे परीक्षा केंद्र में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परीक्षा देने के लिए तैयार थे। उन्हें सुबह 9ः00 बजे से परीक्षा के लिए आईडी और पासवर्ड संबंधित केंद्र द्वारा दिया जाना था।
22 हजार कैंडिडेट ने किया था आवेदन समुह 1 उप समुह 3 के पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा 2024 में कुल 22 हजार 66 आवेदन आए थे।जिसमें 4 हजार 639 कैंडिडेट अन रिजर्व कैटेगरी के हैं।
ढाई घंटे इंतजार करने के बाद लगभग 11ः30 बजे कैंडिडेट्स को बताया गया कि आज परीक्षा नहीं होगी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें मध्य प्रदेश कर्मचारी मंडल का एक नोटिफिकेशन दिखाया गया, जिसमें कहा गया कि समूह एक- उप समूह तीन संयुक्त भर्ती परीक्षा 2024 की पहली पाली तकनीकी समस्या के कारण स्थगित कर दी गई है।

– नाराज कैंडिडेट्स ने मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल से प्रमुख मांग रखी हैं।
– एग्जाम कैंसिल होने की असल वजह बताई जाए। सिर्फ तकनीकी समस्या कह कर इसे टाला ना जाए। – जितने भी कैंडिडेट्स परीक्षा देने केंद्र पर पहुंचे, उन्हें भत्ता दिया जाए।
– जल्द अगली परीक्षा की डेट निर्धारित की जाए और जितने छात्र इस बार आए, उन्हें ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए।
– प्रदेश भर से बच्चे इस परीक्षा में भाग लेते हैं। ऐसे में उनके गृह जिले के नजदीक ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएं।
– एग्जाम सेंटर्स में पीने के पानी, साफ टॉयलेट और प्रॉपर वेंटिलेशन जैसी बेसिक जरूरतें हो। जिससे कैंडिडेट बिना परेशान हुए, परीक्षा पर फोकस कर सकें।