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कर्मचारी छह महीने में करोड़ों के प्लॉट और नकदी से खेल रहे हैं-मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार की बाढ़ आई हुई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों में आयकर विभाग और लोकायुक्त की कार्रवाईयों में हुए बड़े खुलासे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार की बाढ़ आई हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार की बाढ़ आई हुई है। बड़े-बड़े घोटाले सामने आ रहे हैं। महंगाई और बेरोजगारी ने जनता को दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष की कतार में लगा दिया है, वहीं भाजपा नेताओं और अफसरों के गठजोड़ ने मध्यप्रदेश की नीलामी चालू कर दी है।

उन्होने आगे कहा, “पुलिस के एक सिपाही के पास से 54 किलो सोना, 10 करोड़ नकद और सैकड़ों करोड़ के लेनदेन की जानकारी मिलना बताता है कि मध्यप्रदेश भाजपा नेताओं और अफसरों ने किस तरह से लूट मचा रखी है। भ्रष्टाचार की हद देखिए कि उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन टिकट में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। कर्मचारी छह महीने में करोड़ों के प्लॉट और नकदी से खेल रहे हैं। भ्रष्टाचार के इन राक्षसों ने भगवान तक को नहीं छोड़ा है।

कमलनाथ ने आगे कहा है कि राजधानी भोपाल में निगम अफसरों और ड्राइवर के गठबंधन रोज 1000 लीटर डीजल बेचकर 30 लाख रुपये महीने कमा रहे हैं। मतलब जनता के पैसों से डीजल खरीदेंगे और फिर उसे बेचकर अपनी पॉकेट भर लेंगे।

उन्होने आगे कहा, “मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्री, अफसर से लेकर सिपाही तक की भ्रष्टाचार की यह चेन बेहद खतरनाक है। जनता को झूठे विज्ञापन और फर्जी इवेंट में उलझाकर पूरी सरकार धन बटोरने और घर भरने में लगी है। कहीं कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है, कहीं कर्मचारी हजारों करोड़ों में खेल रहे हैं। आखिर मध्यप्रदेश में ये हो क्या रहा है?”

ज्ञात हो कि पिछले दिनों में आयकर विभाग और लोकायुक्त की दबिश में विभिन्न कारोबारियों के यहां सैकड़ों करोड़ की संपत्ति का खुलासा हुआ, करोड़ों की नगदी मिली। इतना ही नहीं एक पूर्व आरक्षक के भी करोड़पति होने का खुलासा हुआ है।

Copy@Kaskhabar

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