Madhya Pardesh// भोपाल/पुर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर ट्वीट किया। स्वर्गीय श्री माधव राव सिंधिया की धर्मपत्नी एवं श्री ज्योतरादित्य सिंधिया की माता जी श्रीमती माधवी राजे सिंधिया जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। मैं शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और सिंधिया परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति देने के लिये ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।“भावपूर्ण श्रद्धांजली”।
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे सिंधिया का निधन हो गया है, वे पिछले तीन महीने से दिल्ली एम्स में भर्ती थीं। उनके निधन से दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश तक शोक की लहर दौड़ गई है. उनके निधन से ग्वालियर राजघराने को बड़ी क्षति पहुंची है. वे कुछ समय से वेंटिलेटर पर थीं। उनका यहां सेप्सिस के साथ निमोनिया का इलाज चल रहा था. केंद्रीय मंत्री सिंधिया के कार्यालय से कहा गया है, ‘बड़े दुःख के साथ ये साझा करना चाहते हैं कि राजमाता साहब नहीं रहीं. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की माता व ग्वालियर राज घराने की राजमाता माधवी राजे सिंधिया का इलाज पिछले दो महीनों से दिल्ली के एम्स अस्पताल में चल रहा था। पिछले दो सप्ताह स्थिति बेहद क्रिटिकल थी. आज सुबह 9.28 बजे उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में आखिरी सांस ली. ॐ शान्ति.’
इधर, ग्वालियर में सिंधिया परिवार की छत्री पर अंतिम संस्कार से जुड़ी तैयारी शुरू हो गई है। माधवी राजे के अंतिम संस्कार के लिए यहां चबूतरा तैयार किया जा रहा है. स्व. माधवराव सिंधिया की छत्री के पीछे होगा माधवी राजे का अंतिम संस्कार. बता दें, सिंधिया परिवार के सभी सदस्यों का अंतिम संस्कार कटोरा ताल स्थित छत्री में ही किया जाता है. उनके निधन पर संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने ट्वीट कर दुःख व्यक्त किया है। लोधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पूजनीय माताजी माधवी राजे सिंधिया के निधन का दुःखद समाचार मिला. परमात्मा से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति दें, ॐ शांति शांति!!’
नेपाल राजघराने से है माधवी राजे
नेपाल राजघराने से माधवीराजे सिंधिया का संबंध है। उनके दादा शमशेर जंग बहादुर राणा नेपाल के प्रधानमंत्री थे। कांग्रेस के दिग्गज नेता माधवराव सिंधिया के साथ माधवी राजे के विवाह से पहले प्रिंसेस किरण राज्यलक्ष्मी देवी उनका नाम था। साल 1966 में माधवराव सिंधिया के साथ उनका विवाह हुआ था। मराठी परंपरा के मुताबिक शादी के बाद उनका नाम बदलकर माधवीराजे सिंधिया रखा गया था। पहले वे महारानी थीं, लेकिन 30 सितंबर 2001 को उनके पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया के निधन के बाद से उन्हें राजमाता के नाम से संबोधित किया जाने लगा।