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मौलवी की बेईज्जती करने से रोकने पर अश्लील गाली-गलौच कर मारपीट करके जान से मारने की धमकी देने वाले तीन आरोपीगण को 03-03 माह का कारावास

मनासा। मध्यप्रदेश, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मनासा के द्वारा मौलवी की बेईज्जती करने से रोकने वाले फरियादी के साथ अश्लील गाली-गलौच करते हुवे मारपीट करके जान से मारने की धमकी देने वाले तीन आरोपीगण (01) अशफाक पिता अब्दुल करीम, उम्र-30 वर्ष, (02) निसार उर्फ भुरिया पिता अब्दुल करीम, उम्र-25 वर्ष एवं (03) असरफ पिता रफीक पठान, उम्र-25 वर्ष, तीनो निवासीगण-नुरी कॉलोनी, तहसील मनासा, जिला-नीमच को धारा 323/34, 294, 506(2) भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 03-03 माह के कारावास व कुल 600-600रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया ।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं श्री अरविंद सिंह थापक द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 07 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 13 फरवरी 2017 की मनासा थाना क्षैत्र के अंतर्गत आने वाली हिंगड़ दाल मिल के पास उषागंज कॉलोनी की हैं। फरियादी अब्दुल हयात घटना दिनांक को अतिक पठान के यहा निकाह में गया था, जहाँ पर दो मौलवियों को बुला लिया गया था, जिसमें से एक मौलवी समी हाफिज की आरोपीगण बैईज्जती कर निकाह में से भगा रहे थें तो फरियादी उन्हें ऐसा करने से मना किया। इस बात पर से आरोपीगण द्वारा फरियादी को अश्लील गॉलिया दी गई तथा लात-घूंसो व तपेली से उसके साथ मारपीट करते हुवे उसको जान से मारने की धमकी दी गई। निकाह मे उपस्थित लोगो ने बीच-बचाव किया। फरियादी ने घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना मनासा में की गई, जिस पर से आरोपीगण के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध किये जाने के पश्चात् विवेचना के उपरांत अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी, चश्मदीद साक्षीगण सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराते हुवे आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

 

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न्यायालय का आदेश नहीं मानने वाले आरोपी को 01 वर्ष का कारावास
मनासा। श्रीमान् सक्षम नरूला, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, मनासा के द्वारा सिविल प्रकरण में सुपुर्दगी पर दी जप्तशुदा मोटरसायकल को न्यायालय के आदेश के बावजूद भी न्यायालय में प्रस्तुत न कर न्यायालय का आदेश नहीं मानने वाले आरोपी इंदरमल पिता नग्गा जी बंजारा, उम्र-50 वर्ष, निवासी-ग्राम तलाऊ, तहसील मनासा, जिला नीमच को धारा 406 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 01 वर्ष के कारावास व 2000रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया ।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं श्री रमेश नावड़े द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना वर्ष 2015 की हैं। आरोपी इंदरमल का मोहम्मद मुस्लिम के विरूद्ध मनासा न्यायालय में बजावरी प्रकरण लंबित था, जिसमें न्यायालय द्वारा आरोपी के विरूद्ध कुर्की वारण्ट जारी किया था, जिसके पालन में न्यायालय नाजीर द्वारा दिनांक 27 मार्च 2015 को आरोपी के घर से उसकी मोटरसायकल को जप्त किया गया था तथा उसको इस शर्त के साथ सुपुर्दगी पर दिया गया था, कि जब भी न्यायालय द्वारा आदेश दिया जायेगा वह मोटरसायकल को न्यायालय में प्रस्तुत करेगा। इसके उपरांत भी न्यायालय द्वारा आरोपी को मोटरसायकल को न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने का आदेश दिये जाने के पर भी आरोपी द्वारा मोटरसायकल को प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस कारण आरोपी के विरूद्ध पुलिस थाना कुकड़ेश्वर में अमानत में खयानत करने की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई व विवेचना के उपरांत अभियोग-पत्र मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी, पंचसाक्षी सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराते हुवे आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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