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ठाकरे गुट ने अपने सामना अख़बार के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा है.अलोकप्रिय नेता राहुल-प्रियंका गांधी की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं

मुंबई। तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर उत्तर भारत के हिंदी भाषी क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया है. इसके विपरीत, तेलंगाना में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि दक्षिणी राज्य में बीजेपी का कोई प्रभाव नहीं है. इसके मद्देनजर जहां राजनीतिक विश्लेषक इन चार राज्यों के चुनाव नतीजों के आधार पर लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण पेश कर रहे हैं, वहीं इस हार को लेकर ठाकरे गुट ने कांग्रेस के स्थानीय नेताओं पर निशाना साधा है. साथ ही इस बात की भी आलोचना की गई है कि कांग्रेस ने इस चुनाव में इंडिया अलायंस के सिद्धांत का पालन नहीं किया।

पांच में से चार राज्यों के नतीजे घोषित हो चुके हैं और इनमें से तीन में बीजेपी ने कांग्रेस को हरा दिया है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ओर से जीत के समीकरण स्पष्ट होने के दावे किये जा रहे थे. हालांकि, वहां भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. इसी के मद्देनजर ठाकरे गुट ने अपने सामना अख़बार के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा है. कमलनाथ ने नहीं किया इंडिया अलायंस के नियमों का पालन कांग्रेस के पास मध्य प्रदेश में जीतने का सबसे अच्छा मौका था, लेकिन कमलनाथ, शिवराज सिंह चौहान के सामने टिक नहीं सके।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक टिकट वितरण की कमान कमलनाथ के हाथ में थी. उन्होंने इंडिया अलायंस के नियमों का पालन नहीं किया. कमलनाथ ने अखिलेश यादव से भी किनारा कर लिया परिणामस्वरूप समाजवादी पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवार उतार दिया. सामना अख़बार में आगे लिखा है कि राज्यों में कांग्रेस के अलोकप्रिय नेता राहुल-प्रियंका गांधी की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं”।

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