मंदसौर जिला के गांधी सागर में 17 नवंबर को मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक प्रस्तावित, कलेक्टर ने तैयारियां शुरू करने के दिए निर्देश
मंदसौर। कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में 17 नवंबर को गांधी सागर में प्रस्तावित मंत्रिपरिषद बैठक की तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने तथा अधिकारियों को स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा शिकायतों के निराकरण के लिए देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करें। राजस्व, नगरीय विकास, ऊर्जा एवं स्वास्थ्य विभाग में अधिक शिकायतें लंबित होने पर विशेष ध्यान देने को कहा। गरोठ, मल्हारगढ़ एवं सीतामऊ तहसीलदारों से दूरभाष पर चर्चा कर देरी का कारण भी पूछा।
आगामी 17 नवंबर को गांधी सागर में प्रस्तावित मंत्रिपरिषद बैठक की तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने तथा अधिकारियों को स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जर्जर शासकीय भवनों को ध्वस्त कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी। शिक्षा विभाग में सबसे अधिक जर्जर भवन पाए गए।
इसके अलावा स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य विभागों के भवन भी ध्वस्त किए जाने हैं। दीपावली के मद्देनजर मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। एसडीएम गरोठ की कार्रवाई की सराहना की, वहीं सीतामऊ क्षेत्र में फोरलेन के अवैध कट बंद कराने को कहा। बाल भिक्षावृत्ति पर नियंत्रण के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। शिवना नदी प्रोजेक्ट में देरी पर सख्ती दिखाते हुए पीआईयू के संबंधित अधिकारी को आरोप पत्र जारी करने तथा दो माह में काम पूरा करने के निर्देश दिए। समय पर कार्य पूरा नहीं होने पर शासन स्तर से कार्रवाई की चेतावनी दी।
उर्वरक समीक्षा में बताया गया कि जिले में 5,500 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है तथा रबी की 80 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है। वहीं 108 एंबुलेंस सेवाओं को दुरुस्त रखने, मलेरिया नियंत्रण अभियान जारी रखने और जिला अधिकारियों को मैदानी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। स्कूल बसों की फिटनेस जांच में लापरवाही नहीं बरतने को कहा। अनफिट बस मिलने पर तत्काल जब्त करने, स्कूल संचालकों की बैठक लेकर सुरक्षा निर्देश देने तथा बच्चों के लिए अतिरिक्त वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।