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आगार-मालवा कलेक्टर का बड़ा आदेशः मां बगलामुखी मंदिर मामले की जांच के लिए त्रि-सदस्यीय दल गठित

भोपाल। आगार-मालवा जिले के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा से जुड़े दान और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर ने  मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा से संबंधित प्राप्त शिकायतों और लगाए गए गंभीर आरोपों के मद्देनजर कलेक्टर आगार-मालवा ने त्रि-सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया है। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में एक गैर-शासकीय समिति द्वारा शासकीय प्रबंधन समिति से पृथक रूप से श्रद्धालुओं से नगद एवं स्वर्ण-रजत आभूषण के रूप में दान प्राप्त किया जा रहा है। साथ ही निजी बैंक खातों के उपयोग एवं वित्तीय अनियमितताओं की भी शिकायतें सामने आई हैं।

कलेक्टर के आदेशानुसार गठित जांच दल में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.एस. सोलंकी को अध्यक्ष बनाया गया है। जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी तथा नगर परिषद नलखेड़ा की मुख्य नगरपालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल को सदस्य नियुक्त किया गया है।

जांच के प्रमुख बिंदु
मंदिर परिसर में किसी गैर-शासकीय अथवा अपंजीकृत समिति द्वारा दान या चढ़ावा प्राप्त करने हेतु समानांतर व्यवस्था संचालित किए जाने के तथ्यों एवं उत्तरदायित्व की जांच।
संबंधित रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों एवं अन्य अभिलेखों के आधार पर प्राप्त नगद, स्वर्ण एवं रजत की मात्रा तथा वित्तीय लेखा-जोखा का सत्यापन।
प्रकरण में किसी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन अथवा अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता एवं उत्तरदायित्व का परीक्षण।

कलेक्टर ने जांच दल को निर्देश दिए हैं कि मंदिर परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक अभिलेखों की जांच करें, संबंधित पक्षों के बयान एवं साक्ष्य एकत्रित करें तथा अपनी स्पष्ट जांच रिपोर्ट, अभिमत एवं अनुशंसाओं सहित 7 दिवस के भीतर प्रस्तुत करें।

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