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मध्य प्रदेश की सरकार की आमदनी और खर्च के बीच आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया वाली स्थिति आ गई है-पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर कहा कि अब तो बजट से ज्यादा राज्य पर कर्ज हो गया है। राज्य सरकार लगातार कर्ज ले रही है। एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार की आमदनी और खर्च के बीच आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया वाली स्थिति आ गई है। प्रदेश सरकार ने एक बार फिर से 5,200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। इसके बाद प्रदेश के ऊपर कुल कर्ज की राशि अब 4.60 लाख करोड़ रुपए हो गई है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार का बजट 4.21 लाख करोड़ रुपए है। कमलनाथ ने सरकार की आमदनी और कर्ज की बात करते हुए कहा, “मध्य प्रदेश के वित्तीय हालात ये हैं कि सरकार साल भर में जितनी आय प्राप्त करती है, उससे ज्यादा का कर्ज सरकार के पास हो गया है। गौर से देखें तो सरकार के बजट और कर्ज के बीच करीब 40 हजार करोड़ रुपए का अंतर आ चुका है। कई बार तो कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए भी प्रदेश सरकार को नया कर्ज लेना पड़ता है।”
उन्होंने राज्य पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाते हुए कहा, “प्रदेश की इतनी खराब वित्तीय हालत होने के बावजूद भाजपा के नेता अपनी शानो-शौकत पर सरकारी पैसा खर्च करने में जरा भी नहीं हिचक रहे। कर्ज में डूबे प्रदेश के बावजूद सरकार ने एक हवाई जहाज खरीदने का फैसला किया है। मंत्रियों के बंगलों की साज-सज्जा पर खर्च किया जा रहा है और घोषणा करने वाली इवेंटबाजी पर भी जमकर पैसा लुटाया जा रहा है। इतना भारी कर्ज लेने के बावजूद न तो लाड़ली बहनों को वादे के मुताबिक 3 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं और न ही किसानों को गेहूं और धान का वह समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, जिसका वादा भाजपा ने विधानसभा चुनाव में किया था।”
उन्होंने आगे कहा कि युवाओं के लिए नौकरी नहीं है और छात्रों की छात्रवृत्ति का पैसा भी सरकार के पास नहीं है। जाहिर है कि भाजपा सरकार में वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह गायब है और मनमर्जी से जनता का पैसा फिजूलखर्ची में उड़ाया जा रहा है। Copy @khas khabar

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