दलोदा चौपाटी सरपंच दुर्गा केथवास पद से प्रथक, न्यायालय सीईओ जिला पंचायत मंदसौर द्वारा एफआईआर के आदेश
सरपंच द्वारा प्रतिमाह 14050 रू स्वयं के खाते मे ट्रास्फर करने जैसी कई वित्तीय गड़बड़ीयों मे दोषी
Madhya Pardesh//मंदसौर। सरपंच दुर्गा केथवास सरपंच ग्राम पंचायत दलोदा चौपाटी को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत दोषी पाया जाने पर अपने पद से प्रथक करने के साथ ही छःसाल के लिए अयोग्य घोषित करते हूए शासकीय राशि की अनियमितता के मामले मे सीईओ जनपद मंदसौर को एफआईआर दर्ज करानें का आदेश न्यायालय मुख्य कार्यपालन अधिकरी, जिला पंचायत, मंदसौर द्वारा जारी किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरपंच पंचायत को अपना निजी कार्यालय की तरह संचालित कर वर्ष 2022 से आर्थिक अनियमितता करने मे लगी रही। पंचायत के नाम से ट्रेक्टर खरीदने की जगह खुद के नाम से ट्रेक्टर खरीदी कर ली और पंचायत से खाते से भगतान स्वयं के बैक खाते मे प्रज्ञपत कर बड़ी आर्थिक अनियमिता की जैसे मामले सामने आ गये। न्यायालय सीईओ जिला पंचायत मंदसौर मे कई मामले उल्लेखित है। click here जिसके अनुसार मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंदसौर द्वारा प्रंकरण क्र. 29/24-25/4130 29 नंवबर 2024 को न्यायलय मुख्य कार्यपालन अधिकारी मंदसौर म.प्र. शासन विरूद्ध श्रीमति दुर्गा केथवास सरपंच ग्राम पंचायत दलोदा चोपाटी पारित आदेश 28 नंवबर 2024 में सरपंच दुर्गा केथवास को वित्तीय अनियमितता के मामलो मे दोषी पाते हुए दुर्गा केथवास को सरपंच के पद से पृथक किया गया। पारित आदेश मे दुर्गा केथवास अगामी 5 वर्ष कालावधि के लिये किसी भी पंचायत या ग्राम निर्माण समिति ग्राम विकास समिति या ग्राम सभा की समिति का सदस्य होने के लिये निरर्हित घोषित किया गया। साथ् ही पारित आदेश में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मंदसौर को निर्देशित किया गया कि वे श्रीमति दुर्गा केथवास के विरूद्ध ग्राम पंचायत की धन राशि का अनियमित व्यय करना तथा वित्तीय अनियमितता किये जाने पर शासकीय धन राशि का दुरोपयोग किये जाने पर संबंधित पुलिस थाने मे एफआईआर दर्ज कराई जाकर उसकी एक प्रति न्यायालय जिला पंचायत कार्यालय को प्रषित करने हेतु पारित किया गया। ज्ञात हो यह वही ग्राम पंचायत है जहां दुर्गा केथवास से पुर्व सरपंच विपीन जैन के सरपंच रहेते राज्य के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर दलोदा पंचायत का नाम रोशन किया और कई सम्मान दिलवाये।