भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा, “भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के पास कुछ बचा नहीं है। सिर्फ राहुल गांधी की झूठी आलोचना करना बचा है…।
’एक राष्ट्र एक चुनाव’ पर उन्होंने कहा, “अगर किसी सरकार का अविश्वास प्रस्ताव आ जाए और भंग करनी पड़े तो क्या करेंगे? एक राष्ट्र एक चुनाव’ ये पीएम मोदी का एक और खिलौना है, सबको उलझाने के लिए…।
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कांग्रेस, आप, बसपा एवं माकपा ने किया विरोध
कुछ संवैधानिक संशोधनों को राज्य विधानसभाओं के अनुमोदन की भी जरूरत होगी। छह राष्ट्रीय पार्टियों में से सिर्फ भाजपा एवं नेशनल पीपुल्स पार्टी एक साथ चुनावों के पक्ष में हैं, जबकि कांग्रेस, आप, बसपा एवं माकपा ने इसका विरोध किया है। जिन पार्टियों ने कोविन्द समिति के समक्ष एक साथ चुनाव का समर्थन किया था, लोकसभा में उनकी संख्या 271 है। जबकि जिन 15 दलों ने इसका विरोध किया था, उनकी लोकसभा में संख्या 205 है।
‘एक देश, एक चुनाव’ को लेकर उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखी गई। कैबिनेट से इसे मंजूरी भी मिल गई है। कहा जा रहा है कि सरकार आगामी शीतकालीन सत्र में इसे पेश कर सकती है।