मंदसौर। मध्यप्रदेश सरकार अपनी ओर से आशाओं को कुछ भी नहीं दे रही है। भुखहड़ताल कर रही दो लाड़ली बहना आशा कार्यक्रता हुई बेहोश। प्रदेश की हजारों आशा कार्यकर्ताएं केवल 2 हजार रुपए के अल्प वेतन में काम करने के लिए मजबूर हैं। प्रदर्शन कर रही कार्यकर्ताओं ने बताया कि सरकार आशा को 10 हजार एवं पर्यवेक्षक को 15 हजार रूपए मासिक वेतन तुरंत लागू करने करें।
आशा उषा सहयोगिनी संगठन जिलाध्यक्ष माधुरी सोलंकी ने बताया कि आशा उषा, आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा ने अनिश्चित कालीन हड़ताल के बीच 25 से 29 अप्रैल तक क्रमिक भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया है। मंगलवार से इसकी शुरूआत हुई है। आशा और उषा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार से क्रमिक भूखहड़ताल शुरू कर दी। भूख हड़ताल पर बैठी कार्यकर्ता कोमल जैन और समाप्त गौड़ दौनो बेहोश हो गईं। इसके बाद प्रदर्शन कर रही साथी कार्यकर्ताओं ने दोनों को पानी और जूस पिलाया। आशा-उषा संयुक्त संगठन की हड़ताल 42वें दिन भी जारी रही।
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