“We will do it” के मंत्र से गुजरात में करके दिखायाः प्रधानमंत्री मोदी, जनता का विश्वास और जनशक्ति मेरी सबसे बड़ी ताकत, 25 वर्षों का अनुभव देश की पूंजी
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात में रहते हुए उनका मंत्र थाकृ“गुजरात के विकास से देश का विकास।” उन्होंने कहा कि उस समय उनके सामने अनेक चुनौतियां थीं। सरकार चलाने और प्रशासनिक व्यवस्था का अनुभव नहीं था, लेकिन जनता और जनशक्ति पर पूरा विश्वास था। इसी विश्वास को उन्होंने अपनी सबसे बड़ी सामर्थ्य बनाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने जनता को साथ लेकर निर्णय लिए, नीतियां बनाईं और उन्हें जमीन पर लागू किया। इसी भावना के साथ‘WE WILL DO IT’यानी “हम करके रहेंगे” का मंत्र अपनाया। जनता साथ हो तो परिणाम भी आते हैं और गुजरात में इसे करके दिखाया गया। आज गुजरात जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसका उदाहरण दुनिया देती है।
निजी महत्वाकांक्षा नहीं, देशसेवा रहा जीवन का उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जीवन के 25 वर्ष पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय 50 वर्ष की उम्र में उन्होंने जंगलों में आदिवासी समुदायों के बीच सेवा कार्य किया और पहाड़ों के बीच समय बिताया। उनके राजनीतिक जीवन में उस समय एक संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में काम का अनुभव था। चुनावों में सक्रिय रहने के बावजूद उन्होंने स्वयं कभी चुनाव नहीं लड़ा था।
उन्होंने कहा कि यदि चुनावी राजनीति में आगे बढ़ना उनका उद्देश्य होता तो वे बहुत पहले चुनावी मैदान में उतर सकते थे, लेकिन उनका स्वभाव ऐसा नहीं था। बचपन से मिले संस्कारों ने उन्हें सिखाया कि जीवन किसी उद्देश्य के लिए जीना चाहिए, निजी महत्वाकांक्षा के लिए नहीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन में जो भी जिम्मेदारियां मिलीं, उन्हें निभाते चले गए। उनका एक ही उद्देश्य रहा कि देश के लिए निस्वार्थ भाव से कर्म करें। “मेरे लिए कर्म ही सब कुछ है, कर्म ही मेरा धर्म है।”
संकल्पों को नई ऊर्जा देने का दिन
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन केवल पुरानी यादों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि अपने संकल्पों को नई ऊर्जा देने और अपने वादे को दोहराने का दिन है। यह उस इरादे को व्यक्त करने का दिन है, जो कहता हैकृ“हम करके रहेंगे।”
उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए कहा कि वडनगर के स्कूल में पढ़ाई के दौरान वे कक्षा में सबसे पहले पहुंचने वाले विद्यार्थियों में रहते थे। सीखने की वह ललक आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। वे स्वयं को आज भी विद्यार्थी मानते हैं और हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास करते हैं।
‘जनता-जनार्दन’ को ईश्वर का रूप मानता हूं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सुबह उन्होंने श्री विनायक मंदिर में दर्शन कर देश और 140 करोड़ भारतवासियों के लिए प्रार्थना की। उन्होंने परमात्मा से प्रार्थना की कि उन्हें इतनी शक्ति और सामर्थ्य मिले कि वे देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम कर सकें तथा दिन-रात देशवासियों की सेवा कर सकें।
उन्होंने कहा कि आज वे जो कुछ हैं और जिस दायित्व पर हैं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता-जनार्दन का है। उनके लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का ही रूप है। लाखों-करोड़ों देशवासियों का विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम उनकी सबसे बड़ी शक्ति रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों का अनुभव बहुत बड़ी पूंजी है और यह पूंजी केवल मोदी की नहीं, बल्कि पूरे देश की है।