सरपंच के खिलाफ तालाब निर्माण की 24 लाख की राशि में 20 लाख के भ्रष्टाचार का आरोप, भानपुरा जनपद की रायपुरिया पंचायत में मनरेगा कार्यों में अनियमितता की शिकायत, ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग
मंदसौर/भानपुरा। भानपुरा जनपद की ग्राम पंचायत रायपुरिया में शासकीय राशि में कथित वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीण करीब 120 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदसौर जिला मुख्यालय पहुंचे और पंचायत में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में दस्तावेजों में कई कार्य पूर्ण दर्शाए गए हैं, जबकि धरातल पर कार्य या तो हुए नहीं हैं या केवल नाममात्र के दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि संबंधित कार्यों का उच्च अधिकारियों से पुनः भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन कराया जाए। शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शासकीय राशि के दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्राम पंचायत रायपुरिया में मनरेगा सहित विभिन्न विकास कार्यों में कथित आर्थिक अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कलेक्टर मंदसौर की जनसुनवाई में शिकायत प्रस्तुत कर जांच एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण करीब 120 किलोमीटर की दूरी तय कर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे और पंचायत में हुए कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग रखी। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत रायपुरिया में कागजों पर कई कार्य पूर्ण दर्शाए गए हैं, जबकि मौके पर या तो कार्य अधूरे हैं या निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं हुए हैं। शिकायत में सरपंच ज्योति केवट के पति तूफान केवट पर जनपद पंचायत के एई से मिलीभगत कर फर्जी मस्टर रोल और बिल-वाउचर के माध्यम से शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
24.17 लाख के तालाब निर्माण पर उठे सवाल
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम मोड़ी में मनरेगा योजना के तहत करीब 24.17 लाख रुपये की लागत से तालाब निर्माण स्वीकृत हुआ था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि मौके पर तालाब की केवल पाल बनाए जाने का कार्य दिखाई देता है। ग्रामीणों ने इस कार्य में करीब 19 से 20 लाख रुपये की कथित अनियमितता की आशंका जताते हुए मौके पर पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की है। शिकायत में पंचायत क्षेत्र के अन्य मनरेगा कार्यों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ कार्यों को दस्तावेजों में पूर्ण दर्शाकर भुगतान किया गया, जबकि वास्तविक स्थिति अलग है।
सड़क और पुलिया निर्माण पर भी सवाल
ग्रामीणों ने रायपुरिया श्मशान घाट से कुड़ी श्मशान घाट तक करीब 14.99 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि सड़क निर्माण में पर्याप्त मुरम, चुरी एवं दबाई का कार्य नहीं किया गया। सड़क के बीच बनी पुलिया में छोटे पाइप लगाए जाने से ग्रामीणों ने भविष्य में दुर्घटना एवं जल निकासी की समस्या की आशंका भी जताई है। इसके अलावा कालीराढ़ी में डबरी/डगआउट पॉण्ड निर्माण सहित अन्य मनरेगा कार्यों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कुछ डबरियों को अलग-अलग नामों से स्वीकृत दर्शाकर भुगतान किए जाने की भी जांच की जानी चाहिए।
फर्जी मस्टर रोल तैयार करने का आरोप
ग्रामीणों ने मनरेगा राशि के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए फर्जी मस्टर रोल तैयार किए जाने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत में स्वीकृत कार्यों, मस्टर रोल, बिल-वाउचर और मौके पर हुए वास्तविक कार्यों का मिलान कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में पहले 23 सितंबर 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भानपुरा को भी लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। बतादें, अब ग्रामीणों ने कलेक्टर मंदसौर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भानपुरा से पंचायत के सभी संबंधित कार्यों की उच्च अधिकारियों की टीम से मौके पर जांच, रिकॉर्ड एवं मस्टर रोल का सत्यापन तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर उपसरपंच, पंचों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर बताए गए हैं।
