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माँ की हत्या करने वाले बेटे को आजीवन कारावास, स्टील के कड़े से हमला कर की थी माँ की हत्या, 5 साल पुराने मामले में फैसला

भोपाल। मध्यप्रदेश, नीमच के मनासा। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मनासा जिला नीमच ने माँ की हत्या के मामले में आरोपी बेटे को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी कैलाश पिता रामचंद्र सेन (31), निवासी ग्राम चपलाना, तहसील मनासा, जिला नीमच को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 के अंतर्गत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने बताया कि घटना 23 फरवरी 2021 की रात्रि लगभग 11 बजे ग्राम चपलाना की है। उदयपुर के एमबीजीएच अस्पताल से प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य दस्तावेजों के आधार पर थाना मनासा में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि मृतिका सोहनबाई का पुत्र कैलाश बदमाश प्रवृत्ति का था और शराब पीकर आए दिन परिवार व गांव के लोगों से विवाद करता था। पत्नी के साथ मारपीट के कारण उसकी पत्नी भी कई वर्षों से मायके में रह रही थी। आरोपी के भय और आतंक के कारण परिवार के अन्य सदस्य गांव छोड़कर केलुखेड़ा में रहने लगे थे, जबकि मृतिका सोहनबाई आरोपी बेटे के साथ ही गांव चपलाना में रहती थी। घटना वाले दिन आरोपी कैलाश ने स्टील के कड़े से अपनी माँ के सिर और कनपटी पर हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बाद में घायल अवस्था में उन्हें मनासा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उदयपुर रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

विवेचना अधिकारी निरीक्षक के.एल. दांगी द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किए गए। हत्या में प्रयुक्त स्टील का कड़ा भी जब्त किया गया। न्यायालय में विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक गुलाबसिंह चंद्रावत ने परिस्थितिजन्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराध सिद्ध कराया। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक गुलाबसिंह चंद्रावत ने की।

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फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर अफीम व डोडाचूरा तस्करी करने वाले दो तस्करों को 11-11 वर्ष का कारावास, 100 किलो डोडाचूरा और 500 ग्राम अफीम के साथ पकड़े गए थे आरोपी

भोपाल। मध्यप्रदेश, नीमच के विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) जिला नीमच ने फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर अफीम और डोडाचूरा की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी रवि पिता शंकरलाल सुथार (24) निवासी ग्राम आरड़ी, तहसील मल्हारगढ़ जिला मंदसौर एवं विजयसिंह पिता मांगूसिंह (26) निवासी ग्राम पीर गुराडिया, तहसील मल्हारगढ़ जिला मंदसौर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 11-11 वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक-एक लाख रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। इसके अतिरिक्त धारा 8/18(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत 2-2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20-20 हजार रुपये अर्थदण्ड तथा धारा 347(1) भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत 2-2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया गया।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने बताया कि 23 मई 2024 की देर रात मंदसौर-रतलाम हाईवे स्थित माननखेड़ा टोल प्लाजा पर उप नारकोटिक्स आयुक्त कार्यालय नीमच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ग्रे रंग की मारुति कार से अफीम और डोडाचूरा महाराष्ट्र भेजा जा रहा है। सूचना पर निवारक दल ने टोल प्लाजा पर नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने शासकीय स्कॉर्पियो वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की। बाद में निवारक दल के सदस्य द्वारा कार के आगे टायर के पास फायर किया गया, जिससे गोली रेडियेटर पर लगी और वाहन बंद हो गया। दोनों आरोपी भागने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। बाद में कार की तलाशी लेने पर उसमें रखे 6 कट्टों से कुल 100 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा तथा डेस्क में रखी पारदर्शी थैली से 500 ग्राम अफीम बरामद हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी तस्करी के लिए वाहन पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर उपयोग कर रहे थे।

आवश्यक अनुसंधान के बाद प्रकरण विशेष न्यायालय नीमच में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान सीबीएन के विशेष लोक अभियोजक सुशील ऐरन ने महत्वपूर्ण गवाहों एवं साक्ष्यों के माध्यम से अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी का अपराध सिद्ध कराया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को उपरोक्त दंड से दंडित किया।

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