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“स्थानांतरण नीति 2025“ मे ग्राम पंचायत सचिव कई वर्षों से पदस्थ तो स्थानांतरण होगा, प्रशासन द्वारा यह प्रक्रिया मई माह में ही पूरी की जानी है। 

भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायत सचिव, “स्थानांतरण नीति 2025“ के मुख्य बिंदु जो तय हूए है उनके अनुसार ग्राम पंचायत सचिव अगर पंचायत मे कई वर्षों से पदस्थ है तो उनका स्थानांतरण होगा। B4 Times India को प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार “स्थानांतरणनीति“ मे सचिव को पैतृक या ससुराल की पंचायत में पदस्थ नहीं किया जा सकेगा। प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पंचायत सचिवों के लिए जारी की गई “स्थानांतरण नीति“ के अनुसार संबंधित जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद कलेक्टर द्वारा ये स्थानांतरण करेंगे। हालांकि पंचायत सचिवों का स्थानांतरण आदेश जिला पंचायत सीईओ द्वारा ही जारी किया जाएगा।
“स्थानांतरण नीति“ मे महिला सचिव विवाहित, विधवा या तलाकशुदा के स्वेच्छिक आवेदन पर अंतर जिला स्थानांतरण किया जा सकेगा।
अंतर जिला स्थानांतरण लिए दोनों जिलों के जिला पंचायत सीईओ की एनओसी अनिवार्य होगी।
प्रशासकीय अनुमोदन के बाद स्थानांतरण आदेश पंचायतराज विभाग के संचालक द्वारा जारी किया जाएगा।

प्रदेश में स्थानांतरण की प्रक्रिया मई माह में ही पूरी की जानी है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने प्रदेश की पंचायतों में पदस्थ सचिवों के लिए जारी स्थानांतरण दिशा-निर्देश जारी अंतर्गत पंचायत में कई वर्षों से पदस्थ सचिवों पर सबसे पहले गाज गिरेगी। “स्थानांतरण नीति“ के अंतर्गत किसी भी सचिव को पैतृक पंचायत में स्थानांतरित नहीं हो किया जाएगा। पंचायतों में हर काम में भाई भतीजावाद के सबसे ज्यादा आरोप लगते हैं जिसे देखते हुए “स्थानांतरण नीति“ मे ग्राम पंचायत सचिव का स्थानांतरण उसकी ससुराल की पंचायत में नहीं किया जाएगा। “स्थानांतरण नीति“ में सचिवों के अंतर जिला स्थानांतरण के लिए दोनों जिलों के जिला पंचायत सीईओ की एनओसी अनिवार्य की गई है। सबसे पहले पंचायत में 10 साल से पदस्थ सचिवों के स्थानांतरण किये जाएगें।

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