भानपुरा थाने के चार पुलिसकर्मी लाईन अटैच, मामला फर्जी एनडीपीएस एक्ट का, मंदसौर प्रवास पर आए सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग को गुर्जर समाज के लोगों ने दिया था एक ज्ञापन
मंदसौर। मध्यप्रदेश, मंदसौर जिले में मादक पदार्थ तस्करी पर अंकुश लगाने के नाम पर पुलिस पर लेन-देन और फर्जी केस बनाने का आरोप लगना कोई नई बात नहीं है। इस बार साढ़े 6 किलो अवैध अफीम जब्ती के मामले में भानपुरा पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों की माने तो रंजिश के चलते मादक पदार्थ रखकर केस बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने गलत सूचना देने वाले से लेकर पूरे प्रकरण में शामिल असल दोषियों की भूमिका के बारे में जांच शुरू कर दी है। भानपुरा थाने में पदस्थ चार पुलिसकर्मियों को एसपी अनुराग सुजानिया ने लाईन अटैच कर दिया है।
मामले के अनुसार 30 मार्च को रामचंद्र पिता अमरलाल गुर्जर निवासी ग्राम कैथूली को भानपुरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 6 किलो 500 ग्राम अवैध अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। इसके खिलाफ एनडीपीएसएक्ट के तहत केस दर्ज कर मामले को पुलिस ने जांच में लिया था। लेकिन मादक पदार्थ देने वाले स्त्रोत के बारे में पुलिस ने जांच प्रारंभ की तो पता चला कि कुछ तो गोलमाल है। इसी बीच बुधवार को मंदसौर प्रवास पर आए सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग को गुर्जर समाज के लोगों ने एक ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि पुलिस ने जिसे साढ़े 6 किलो अफीम के साथ पकड़कर आरोपी बनाना बताया है, वो बेहद गरीब और मजदूर व्यक्ति है। तस्करी के मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है।
ये गंभीर आरोप समाजजनों ने लगाए थे
आरोप है कि साढ़े 6 किलो अफीम के साथ गुर्जर समाज के युवक को फर्जी तरीके से फंसाया गया है। जबकि उसका तस्करी से कोई लेना-देना नही है। इस प्रकरण में भानपुरा थाने के पुलिसकर्मियो की मिलीभगत है। इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग ने समाज के लोगों को आश्वासन दिया कि किसी के साथ गलत नहीं होने देंगे।
इन्हें किया लाईन हाजिर
गुरुवार को एसपी अनुराग सुजानिया ने प्रधान आरक्षक मुमताज नूर, आरक्षक विशाल सिंह, अनिल यादव और सुरेंद्र चौधरी को लाइन हाजिर किया है।
मामले में निष्पक्ष जांच होगी
एनडीपीएसएक्ट के मामले में शिकायत मिली थी, इसके बाद चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है। वहीं पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए है। पूरे प्रकरण में जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नही जायेगा।-अनुराग सुजानिया, एसपी, मंदसौर।