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डिप्टी रेंजर रिश्वतखोरी के अपराधी घोषित, सागर जिले की स्पेशल कोर्ट द्वारा उन्हें 4 साल जेल की सजा

भोपाल। वन विभाग के एक डिप्टी रेंजर रिश्वतखोरी के अपराधी घोषित किए गए और सागर जिले की स्पेशल कोर्ट द्वारा उन्हें 4 साल जेल की सजा सुनाई गई। अब उनकी नौकरी और पेंशन भी खतरे में आ गई है।

अभियोजन के मीडिया प्रभारी ने बताया कि 25 जुलाई 2019 को आवेदक देवेंद्र रैकवार ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि तेंदूपत्ती की 29150 गड्डी के 72875 रुपए समिति के खाते में डलना शेष थे। उक्त राशि समिति के खाते डलवाने के संबंध में डिप्टी रेंजर आरोपी दीपक कुमार अहिरवार से उनके कार्यालय ढाना में जाकर बात की। उन्होंने खाते में पैसे डालने के एवज में 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।

लोकायुक्त पुलिस ने डिप्टी डेंजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था
शिकायत मिलते ही लोकायुक्त की टीम ने जांच शुरू की। जांच में शिकायत सही पाई गई। जिसके बाद कार्रवाई की गई। लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए डिप्टी रेंजर आरोपी दीपक अहिरवार को शासकीय आवास पर 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया। मामले की जांच पूरी होने पर चालान कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने प्रकरण में सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्य व दस्तावेज कोर्ट में पेश किए।

रिश्वतखोर, 4 साल जेल की सजा
प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आलोक मिश्रा की कोर्ट में हुई। न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए तेंदूपत्ता की गड्डियों के भुगतान के लिए पैसे समिति के खाते में डालने के एवज में रिश्वत लेने वाले आरोपी डिप्टी रेंजर दीपक कुमार अहिरवार को दोषी पाया। कोर्ट ने डिप्टी रेंजर आरोपी दीपक कुमार को 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी प्रभारी उप-संचालक (अभियोजन) धर्मेन्द्र सिंह तारन के मार्गदर्शन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी लक्ष्मी प्रसाद कुर्मी ने की।

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