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महिला थाना प्रभारी ने गर्भवती को पेट में मारी लात, गर्भपात से खून से लथपथ हुआ थाना, आयोग ने अनुशंसा कर कहा-पीड़िता को दस हजार रूपये क्षतिपूर्ति राशि दो माह में अदा करें

भोपाल। ध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सिंगरौली जिले के एक मामले में राज्य शासन से अनुशंसा की है कि पीड़िता को दस हजार रूपये क्षतिपूर्ति राशि अगले दो माह में भुगतान कर दी जाये। मामला सिंगरौली जिले का है, पर घटना महिला थाना रीवा में हुई थी। ’आयोग के प्रकरण क्रमांक 2849/सिंगरौली/2022 के अनुसार’ 23 अप्रैल 2022 को महिला थाना रीवा में थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीमती प्रियंका पाठक द्वारा पीड़ित गर्भवती महिला दुर्गावती जायसवाल को बेहद अनुचित एवं अमानवीय तरीके से धक्का दिया गया। फिर थाने के सीसीटीव्ही फुटेज क्षेत्र से अलग ले जाकर उसे थाने के ही कम्प्यूटर कक्ष में ले जाया गया और उसके साथ अमानवीय बर्ताव किया गया। महिला थाना प्रभारी द्वारा पीड़िता के पेट पर लात मारने के कारण उसका गर्भपात हो गया। एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेकर आयोग ने पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा था। पुलिस अधिकारियों के जवाब से असहमत होकर अंततः यह अनुशंसा की है कि महिला थाना में पीड़िता के मौलिक व मानव अधिकारों का उल्लंघन हुआ। इसलिए राज्य शासन पीड़िता को दस हजार रूपये मुआवजा राशि दो माह में भुगतान करे। इस प्रकरण में यह तथ्य भी सामने आया है कि पूलिस विभाग द्वारा आरोपी महिला थाना प्रभारी पर दस हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया जा चुका है।

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