Madhya Pardesh/ नीमच। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) नीमच जितेन्द्र कुमार बाजोलिया ने अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी के एक मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
दोषी ठहराए गए आरोपियों में अशोक पिता मांगीलाल मीणा (45 वर्ष), दिनेश पिता रामलाल मीणा (45 वर्ष), गणेश पिता लच्छीराम (50 वर्ष) एवं गणपत पिता केशुराम मीणा (30 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के ग्राम कुलथाना, थाना हतुनिया के निवासी हैं। न्यायालय ने चारों को धारा 8/15(सी) एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी माना।
मुखबिर की सूचना पर पकड़ी गई थी खेप
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एवं एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने बताया कि 5 नवंबर 2024 की रात केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) नीमच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की टाटा मैजिक टैम्पो में बड़ी मात्रा में डोडाचूरा की तस्करी की जा रही है। वाहन की पायलटिंग एक व्यक्ति लाल रंग की मोटरसाइकिल से कर रहा था।
सूचना के आधार पर सीबीएन की निवारक टीम ने बिलेसरी-कुलथाना रोड पर नाकाबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध टाटा मैजिक और मोटरसाइकिल को रोककर जांच की गई। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों वाहनों और आरोपियों को कार्यालय लाया गया, जहां विधिवत तलाशी में टाटा मैजिक से छह कट्टों में भरा 111.150 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद हुआ।
सीबीएन ने मादक पदार्थ, टाटा मैजिक वाहन और मोटरसाइकिल जब्त कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आवश्यक अनुसंधान पूरा करने के बाद विशेष न्यायालय नीमच में चालान प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन ने मजबूत साक्ष्यों से साबित किया अपराध
विचारण के दौरान सीबीएन के विशेष लोक अभियोजक सुशील ऐरन ने महत्वपूर्ण गवाहों के बयान एवं अन्य साक्ष्य प्रस्तुत कर यह सिद्ध किया कि तीन आरोपी टाटा मैजिक से डोडाचूरा की तस्करी कर रहे थे, जबकि चौथा आरोपी मोटरसाइकिल से उनकी पायलटिंग कर रहा था।
सभी साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुशील ऐरन ने की, जबकि अधिवक्ता श्रीमती नीरा यादव एवं सुश्री निशा घारू ने सहयोग प्रदान किया।