मंदसौर शहर के तेलिया तालाब गहरीकरण को लेकर बढ़ा विवाद, किसानों को निशुल्क मिट्टी देने की उठी मांग, निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष ने तालाब क्षेत्र में डाली गई मिट्टी को हटाने के निर्देश
Madhya Pardesh/ मंदसौर। शहर के प्रमुख पेयजल स्रोत एवं प्राकृतिक धरोहर तेलिया तालाब में चल रहे गहरीकरण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनजीतसिंह टूटेजा, विधायक विपिन जैन, पार्षद गरिमा भाटी तथा जागरूक नागरिकों ने तालाब संरक्षण, निकाली जा रही मिट्टी के उपयोग और कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनजीतसिंह टूटेजा ने कहा कि नगर पालिका परिषद मंदसौर द्वारा हर वर्ष तालाब गहरीकरण के नाम पर काली मिट्टी निकालने के लिए ठेका दिया जाता है, जबकि यह व्यवस्था पूरी तरह गलत है। उन्होंने सुझाव दिया कि तालाब से निकलने वाली उपजाऊ मिट्टी आसपास के किसानों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाए, जिससे तालाब का गहरीकरण भी हो जाएगा, किसानों को लाभ मिलेगा और नगर पालिका पर आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि तालाब के आसपास कुमावत समाज सहित अनेक किसानों की कृषि भूमि है, जिन्हें खेती के लिए इस मिट्टी की आवश्यकता रहती है। ऐसे में ठेका प्रणाली के बजाय किसानों को सीधे मिट्टी उपलब्ध कराना अधिक उपयोगी और जनहितकारी कदम होगा।
वहीं मंदसौर विधायक विपिन जैन ने कलेक्टर को पत्र लिखकर तालाब से निकल रही मिट्टी के उचित उपयोग की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिट्टी तालाब के आसपास डाली जा रही है, जिससे भविष्य में जलभराव क्षेत्र प्रभावित होने और अतिक्रमण की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। विधायक ने सुझाव दिया कि मिट्टी का उपयोग शहर के उद्यानों, सार्वजनिक स्थलों एवं विकास कार्यों में किया जाए तथा किसानों को भी निशुल्क उपलब्ध कराया जाए।
वार्ड क्रमांक 39 की पार्षद गरिमा भाटी ने कहा कि तालाब क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विकास कार्य से पहले सीमांकन और पूरी कार्ययोजना सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने यश नगर के नाले को बंद किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह तालाब में पानी की आवक का महत्वपूर्ण स्रोत है, जिसे पुनः चालू किया जाना चाहिए।
पार्षद भाटी ने तालाब के समीप स्थित एक फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषित पानी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि गंदे पानी के कारण समय-समय पर मछलियों की मृत्यु की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने संबंधित इकाई के खिलाफ कार्रवाई तथा तालाब क्षेत्र के लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
जागरूक नागरिक नरेन्द्र धनोतिया ने गहरीकरण कार्य में पारदर्शिता की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यदि निकाली गई मिट्टी जल आवक मार्गों और प्राकृतिक बहाव क्षेत्रों में डाली गई तो भविष्य में तालाब की जलभराव क्षमता प्रभावित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर मामला चर्चा में आने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष रमा देवी गुर्जर, जलकार्य सभापति निलेश जैन एवं संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तालाब क्षेत्र में डाली गई मिट्टी को हटाने के निर्देश भी दिए गए।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का कहना है कि तेलिया तालाब केवल जलाशय नहीं, बल्कि मंदसौर शहर की जल सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने मांग की है कि गहरीकरण कार्य की विस्तृत योजना सार्वजनिक की जाए, जल आवक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा तालाब संरक्षण के लिए दीर्घकालिक एवं पारदर्शी कार्ययोजना बनाई जाए।