मानसून : 31 मई से 3 जून के बीच कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना
मध्य प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री, कई जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट
भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश में तेजी से दस्तक देते हुए मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों और आमजन के लिए नई चुनौतियां भी सामने आ गई हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी दिनों में प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। 30 और 31 मई को मंदसौर और नीमच जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा के साथ ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, भिंड, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी मौसम के तीव्र बने रहने का अनुमान है। वहीं 31 मई से 3 जून के बीच राजगढ़, आगर मालवा, शहडोल, सीहोर, देवास, इंदौर, उज्जैन और झाबुआ सहित कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
गोरमी में सबसे ज्यादा 72 मिमी बारिश
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 30 मई की सुबह 8:30 बजे तक भिंड जिले के गोरमी में सर्वाधिक 72 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद नरवर में 44 मिमी, तेंदूखेड़ा में 38 मिमी, बेराड़ में 31 मिमी तथा शुजालपुर और मोहनगढ़ में 29-29 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। बालदेवगढ़ में 27 मिमी और निवाड़ी में 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
70 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाएं
बारिश के साथ तेज हवाओं ने भी व्यापक असर दिखाया। अशोकनगर में हवाओं की अधिकतम रफ्तार 70 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर और शिवपुरी में 67 किमी तथा सीहोर में 59 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। शिवपुरी, मुरैना, सागर और श्योपुर जिलों में ओलावृष्टि की भी खबरें सामने आई हैं।
कई संभागों में बिजली गिरने की घटनाएं
चंबल, ग्वालियर, सागर, उज्जैन, रीवा और शहडोल संभागों के कई क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, कटनी और डिंडौरी जिलों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है।
इन सिस्टमों से बढ़ी मौसम की गतिविधि
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा पाकिस्तान, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक फैली द्रोणिका (ट्रफ) के कारण प्रदेश में मौसम लगातार सक्रिय बना हुआ है। साथ ही अगले चार से पांच दिनों में मानसून के अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
प्रशासन ने जारी की सावधानी की सलाह
प्रशासन ने नागरिकों से आंधी-तूफान के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों पर न रुकने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। किसानों को खड़ी फसलों और पशुओं को तेज हवाओं तथा ओलावृष्टि से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
गर्मी से राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की शुरुआती सक्रियता प्रदेश में लू के प्रभाव को काफी हद तक कम करेगी और कृषि गतिविधियों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम के तेवर और अधिक तीखे हो सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।