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डॉग बाइट से मिलेगी राहत: भोपाल में बनेगा MP का पहला सरकारी डॉग शेल्टर होम

भोपाल। मध्यप्रदेश, राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं और आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान लोगों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। भोपाल नगर निगम अब शहर में आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है।

नगर निगम ने अपने नए शहरी मास्टर प्लान में स्ट्रे डॉग मैनेजमेंट को शामिल करते हुए कलियासोत क्षेत्र में मध्य प्रदेश का पहला अत्याधुनिक सरकारी डॉग शेल्टर होम बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भोपाल देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां आवारा कुत्तों के लिए समर्पित रेस्क्यू, इलाज और पुनर्वास केंद्र संचालित होगा।

एक एकड़ में बनेगा हाईटेक शेल्टर

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कलियासोत बांध के पास बीएमसी कॉलेज क्षेत्र में लगभग 1 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस शेल्टर होम में 1500 से 2000 तक आवारा कुत्तों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी। यहां केवल कुत्तों को रखा ही नहीं जाएगा, बल्कि उनके उपचार और देखभाल की आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

शेल्टर में —

  • नसबंदी केंद्र
  • एंटी रेबीज टीकाकरण
  • घायल व बीमार कुत्तों का इलाज
  • वेटरनरी डॉक्टरों की निगरानी
  • रेस्क्यू एवं पुनर्वास सुविधा

जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।

स्कूल, अस्पताल और पार्क होंगे “नो-डॉग जोन”

बीएमसी द्वारा कराए गए सर्वे में शहर के करीब 100 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। पहले चरण में 9 प्रमुख क्षेत्रों को “नो-डॉग जोन” घोषित कर वहां से कुत्तों को रेस्क्यू कर कलियासोत शेल्टर भेजा जाएगा।

इन इलाकों में पहले चलेगा अभियान

  • शासकीय एवं निजी स्कूल परिसर
  • अस्पताल और डिस्पेंसरी क्षेत्र
  • अंतर्राज्यीय बस स्टैंड और बस स्टॉप
  • रानी कमलापति रेलवे स्टेशन सहित रेलवे स्टेशन परिसर
  • खेल परिसर और सार्वजनिक पार्क

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

गौरतलब है कि नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने देशभर के बड़े नगर निगमों को आवारा और हिंसक कुत्तों के पुनर्वास के लिए शेल्टर होम विकसित करने के निर्देश दिए थे। भोपाल नगर निगम का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट उसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि योजना समय पर लागू होती है तो डॉग बाइट की घटनाओं में कमी आने के साथ-साथ शहर की सड़कों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। C@N

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