मंदसौर नर्सिंग कॉलेज में स्टायफंड और मेस बिल घोटाले की जांच तेज, लोकायुक्त जांच के घेरे में सीएमएचओ कार्यालय, छात्राओं से लाखों की अधिक वसूली का आरोप
भोपाल। मध्यप्रदेश,मंदसौर के शासकीय नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के स्टायफंड और मेस बिल में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की शिकायत लोकायुक्त संगठन तक पहुंचने के बाद जांच तेज कर दी गई है। मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। टीम के पहुंचते ही विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में नर्सिंग कॉलेज की 57 छात्राओं से भोजन व्यवस्था के नाम पर तीन माह में 3.76 लाख रुपए की जगह 8.06 लाख रुपए वसूले गए। आरोप है कि छात्राओं को मिलने वाली स्टायफंड राशि उनके खातों में जमा करने के बजाय सीधे मेस ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर कर दी गई।
2200 रुपए की थाली को बनाया 4400 रुपए
शिकायत के अनुसार अप्रैल, मई और जून 2025 में छात्राओं के भोजन का शुल्क 2200 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 4400 रुपए कर दिया गया। अतिरिक्त राशि को जीएसटी बताकर वसूला गया, जबकि वर्षों से छात्राओं को 2200 रुपए प्रतिमाह में ही भोजन उपलब्ध कराया जाता रहा है।
आरोप है कि सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ अकाउंटेंट पवन शर्मा द्वारा अधिकारियों की शह पर छात्राओं के खातों में स्टायफंड भेजने के बजाय राशि सीधे मेस संचालक के खाते में जमा कर दी गई। प्रति छात्रा लगभग 2000 रुपए से अधिक अतिरिक्त राशि वसूली गई। जुलाई माह से पुनः भोजन का शुल्क 2200 रुपए कर दिया गया, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
डीएसपी राजेश पाठक के नेतृत्व में जांच
लोकायुक्त टीम डीएसपी राजेश पाठक के नेतृत्व में जांच के लिए पहुंची। टीम ने पूरे दिन दस्तावेज खंगाले और सीएमएचओ सहित संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
राजेश पाठक ने बताया कि छात्राओं से भोजन के नाम पर अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिली थी। मामले में सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
विधायक प्रतिनिधि की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई
मामले की शिकायत विधायक प्रतिनिधि मनोहर नाहटा द्वारा लोकायुक्त में की गई थी। शिकायतकर्ता के बयान 9 फरवरी 2026 को दर्ज किए गए थे। इसके बाद 12 फरवरी को सीएमएचओ डॉ. जीएस चौहान और अकाउंटेंट पवन शर्मा के बयान भी लिए गए।
पेंशन प्रकरण भी पहुंचा लोकायुक्त तक
इसी बीच कॉलेज से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया है, जिसमें सेवानिवृत्त सिस्टर ट्यूटर की पेंशन लंबे समय से लंबित होने की शिकायत की गई है। यह मामला भी लोकायुक्त तक पहुंच चुका है और दोनों प्रकरणों की जांच की जा रही है।
मामले को लेकर जब सीएमएचओ डॉ. जीएस चौहान से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

लोकायुक्त कार्रवाई पर कांग्रेस का हमला
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बोले- भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से परेशान है जनता
मंदसौर। जिला चिकित्सालय और नर्सिंग कॉलेज से जुड़े मामलों में लोकायुक्त जांच शुरू होने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी मंदसौर ने प्रशासन पर निशाना साधा है।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेन्द्र सिंह गुर्जर ने कहा कि लोकायुक्त की कार्रवाई जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। नर्सिंग कॉलेज भोजन घोटाले जैसे मामले बेहद चिंताजनक हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले का आम नागरिक स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग सहित कई विभागों में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, कमीशनखोरी और प्रशासनिक लापरवाही से परेशान है। कई स्थानों पर जवाबदेही की कमी साफ दिखाई दे रही है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
श्री गुर्जर ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी जनता की आवाज बनकर भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने मांग की कि सभी मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।