संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा समान कार्य, समान वेतन देने एवं नियमित करन की मांग को लेकर एड्स कन्ट्रोल एम्लाईज युनियन ने मध्यप्रदेश कि राजधानी भोपाल मे किया प्रदर्शन कर निकाली न्याय यात्रा
भोपाल। मध्यप्रदेश कि राजधानी भोपाल मे समान कार्य, समान वेतन देने एवं नियमित करन की मांग को लेकर एड्स कन्ट्रोल एम्लाईज युनियन मध्यप्रदेश ने प्रदर्शन कर निकाली न्याय यात्रा। एच.आई.वी./एड्स के क्षेत्र में 24 वर्षो से अधिक समय से सेवारत समस्तप संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी प्रदेशाध्य क्ष् श्री सुरेन्द्रत सिंह कौरव समस्ता स्वावस्य् क अधिकारी- कर्मचारी महासंघ के आव्हानि पर एड्स कन्ट्रोल एम्लाईज युनियन म.प्र. सम्मलित होकर जयप्रकाश चिकित्साहलय परिसर स्वास्थ्य संचालनालय भोपाल में 25 फरवरी 2026 जुड़कर प्रदर्शन कर न्याय यात्रा निकाली गई। तत्का्लीन मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक नीति बना कर नियमित किये जाने की घोषणा की थी। जिसके तहत प्रदेश एवं स्वास्थ्य विभाग में सभी संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उक्त नीति के तहत नियमितीकरण का लाभ दे दिया गया पर म.प्र.राज्या एड्स नियंत्रण समिति में कार्यरत समस्त संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह कहकर छोड़ दिया गया कि एड्स नियंत्रण कार्यक्रम का समस्तव बजट केन्द्र सरकार देती है इसलिए एड्स के क्षेत्र में कार्यरत संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उक्त नीति का लाभ नहीं दिया जा सकता है। जबकि राज्यम एड्स नियंत्रण समिति का संचालन प्रदेश सरकार करती है। हम सभी संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी प्रदेश के नागरिकों के लिए एच.आई.वी./एड्स से बचाने का कार्य कर रहे है। एच.आई.वी.पाजिटिव लोगों को जीवन जीने की कला सिखा रहे है। हमारे प्रयासों से उनके जीवन जीने की अवधि में सुधार हुआ है पर हम सभी का भविष्यए अंधकार में है।
इस अवसर पर डॉ. हेमन्त वर्मा युनियन के चीफ एडवाइजर ने कहा कि एड्स नियंत्रण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयास से प्रदेश में एच.आई.वी. संक्रमण की दर में कमी आई है। पिछले कई वर्षो से शासन के समक्ष नियमित किये जाने की मांग अलग- अलग माध्य मों से करते आ रहे है, पर सरकार सुनने को तैयार ही नहीं है। सर्वोच्चत न्योयालय एवं उच्चम न्यायालय संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समान कार्य, समान वेतन देने एवं नियमित करने जैसे निर्णय दे चुकी है इसके बाद भी सरकार संविदा सेवकों को नियमित नही कर रही है। हमारी मॉग है कि शीध्र ही हम सभी को नियमित किया जाये।
युनियन के अध्यिक्ष सुनील मिश्रा ने बताया कि है कि शासन ने हमें संविदा नीति 2023 दिये जाने की फाइल चलाई है। वह अभी लोक स्वा्स्थ्य एवं चिकित्साक शिक्षा मंत्रालय में रूकी हुई। उस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। पिछले दो तीन वर्षो से सतत राज्यो एड्स नियंत्रण समिति एवं मंत्रालय के सम्पसर्क कर रहे है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री से भी कई बार मिल चुके है। सिर्फ आश्वा्सन ही मिल रहा है। कभी कहते है दिखवाते है, हो रहा है, कर रहे है। पर अभी तक हुआ कुछ नहीं है। यदि आज के बाद भी सरकार हम सभी की मॉग पूरी नहीं करेगी तो यह प्रदर्शन अनिश्चि त कालीन आन्दोरलन में बदलेगा और आवश्यआकता पड़ी तो अमरण अनशन पर भी बैठेगे। हम अपना अधिकारी लेकर ही रहेगे।
श्री प्रवीण मालवीय ने कहा कि हम लोग बहुत कम वेतन पर अपनी सेवाऍ दे रहे है, महगाई के इस दौर में बहुत ही मुश्किल से अपने परिवार का भरण पोषण कर पाते है। सरकार बहुत समय से हम लोगो की अनदेखी कर रही है। हमारी मॉग है कि हम सभी को नियमित किया जाये।
हम सभी प्रदेश के नागरिक है। फिर यह कैसा न्याय है कि प्रदेश के सभी संविदा सेवको को नियमित किया जा सकता है पर एच.आई.वी./एड्स के क्षेत्र में सेवारत संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा सकता। इसलिए हम सभी की एक ही मॉग है कि संविदा नीति 2023 के तहत प्रदेश के समस्त राज्यो नियंत्रण् एड्स समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित किया जाये एवं प्रदेश से संविदा एवं अनुबंध प्रथा को खत्म किया जाये। इस अवसर पर प्रदेश एवं जिलो के संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मसलित हुए।
