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मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में 7,000 लोगों को एक साथ राहत राशि वितरित की गई है-ज्योतिरादित्य सिंधिया

भोपाल।। मध्य प्रदेश के गुना जिले में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही बारिश और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले चार दिनों से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं।
शनिवार की शाम को उन्होंने गुना के गोपालपुरा, भगत सिंह कॉलोनी, पटेल नगर, शिव कॉलोनी और न्यू सिटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की, उनके दुख-दर्द सुने और हालात का जायजा लिया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में 7,000 लोगों को एक साथ राहत राशि वितरित की गई है।
उन्होंने इसे अभूतपूर्व कदम बताते हुए कहा कि जिन परिवारों को बाढ़ से नुकसान हुआ है, उन सभी तक मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ लोग जो अभी तक राहत से वंचित हैं, उनके लिए प्रशासन को तत्काल निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से छूट न जाए।
बाढ़ के कारण जल निकासी की समस्या पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि गुनिया नदी और गोपालपुरा तालाब के आसपास अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव रुका है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हुई है। मैंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाया जाए और जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। किसी भी कीमत पर लोगों को तकलीफ नहीं होने दी जाएगी।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बाढ़ से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल देते हुए जनता से श्रमदान और सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा, “यह जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। हमें मिलकर इस संकट से निपटना होगा। हमारी सरकार प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव मदद और पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता दे रही है।”
केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि अपने अगले दौरे पर वे स्वयं प्रशासन और जनता के साथ मिलकर श्रमदान करेंगे ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।
गुना जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जोरों पर हैं। प्रशासन ने अस्थायी आश्रय स्थल, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। स्थानीय लोग भी एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

Copy@KhasKhabar

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