लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा भाजपा सांसद संजय जायसवाल को 2025-26 के लिए प्राक्कलन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया
मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाजपा सांसद संजय जायसवाल को 2025-26 के लिए प्राक्कलन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने 30 सदस्यीय इस समिति का गठन किया है जिसका कार्यकाल अगले वर्ष 30 अप्रैल को समाप्त होगा।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, समिति में लोकसभा सांसदों- भारतीय जनता पार्टी के पी पी चौधरी और राजीव प्रताप रूडी, कांग्रेस पार्टी के दीपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी शैलजा, समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद, तृणमूल कॉंग्रेस के कल्याण बनर्जी, डीएमके के दयानिधि मारन और शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे के अरविंद सावंत शामिल हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाजपा सांसद बैजयंत पांडा को वर्ष 2025-26 के लिए सार्वजनिक उपक्रम समिति का अध्यक्ष भी नियुक्त किया । 22 सदस्यीय इस समिति में लोकसभा के 15 और राज्यसभा के 7 सदस्य शामिल हैं।
प्राक्कलन समिति भारतीय संसद की एक महत्वपूर्ण समिति है, जो संसद के सदस्यों से बनी होती है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य सरकारी मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक धन का उपयोग कुशलता और प्रभावी ढंग से किया जाए। News@Copy
प्राक्कलन समिति के मुख्य कार्य:
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सरकारी खर्चों की जांच:समिति सरकारी मंत्रालयों और विभागों द्वारा खर्च किए गए धन की जांच करती है और यह सुनिश्चित करती है कि खर्चों का उपयोग उचित और कानूनी ढंग से किया गया है।
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सुझाव देना:समिति सरकारी नीतियों में सुधार और दक्षता बढ़ाने के लिए सुझाव देती है।
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अपव्यय और निरर्थक खर्चों को रोकना:समिति अपव्यय, हानि और निरर्थक खर्चों की ओर ध्यान दिलाती है और उनके कारणों का पता लगाने की कोशिश करती है।
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अधिकारियों से पूछताछ:समिति सरकारी अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है और उनसे खर्चों से संबंधित जानकारी मांग सकती है।
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रिपोर्ट प्रस्तुत करना:
समिति अपनी जांच के बाद एक रिपोर्ट तैयार करती है, जिसमें उसकी टिप्पणियां, सुझाव और सिफारिशें होती हैं। यह रिपोर्ट संसद में पेश की जाती है।
प्राक्कलन समिति का महत्व: