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पशुपतिनाथ साख संस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो लोगो के खिलाफ कार्यालय उपायुक्त मंदसौर की रिपोर्ट पर पुलिस प्रकरण दर्ज

Madhya Pardesh// मंदसौर। कार्यालय उपायुक्त मंदसौर की रिपोर्ट पर पशुपतिनाथ साख संस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो लोगो के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार रामप्रसाद कुमावत कार्यालय उपायुक्त मंदसौर की रिपोर्ट पर पशुपतिनाथ साख संस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आशिष पिता छगनलाल हाड़ा व अकिंत पिता छगनलाल हाड़ा निवासी अरेरा कॉलोनी मंदसौर के खिलाफ वायडी नगर पुलिस थाना पर प्रकरण क्रमांक 26/2025 धारा 318(4),316(5), 3(5) बीएनएस तथा म.प्र. राज्य सहकारी सोसायटी अनधननयम 1960 की धारा 57(ब)(1),58(1) (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया।

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यह है मामला – पशुपतिनाथ साख संस्था द्वारा जमा धन डकारने का

मंदसौर और नीमच जिले में पशुपतिनाथ साख संस्था द्वारा किए गए घोटाले से सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई के पैंसे जमा होकर डूबने की कगार पर है।

जमाकर्ता उपभेक्ता एवं संस्िा के एजेंटों द्वारा विगत दिनों पुलिस को ापन दिये गये थें, इस प्रकरण में उप आयुक्त सहकारिता विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे। आरोप है कि विभाग को पहले से जानकारी थी कि यह संस्था आर्थिक घपला घोटाला कर भाग सकती है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। इस प्रशासनिक उदासीनता ने अनेक यक्ष प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सबसे बडी बात यह है कि सहकारिता विभाग मंदसौर बिना किसी बडी जांच या पडताल के
बिना किसी बडी जांच या पडताल के संस्थाओं का पंजीयन कर देते है, पंजीयन के बाद संस्था का वार्षिक आडिट सहकारिता विभाग के प्रशासक करते है लेकिन वे भी लेन देन करके इन संस्थाओं को क्लिन चीट दे देते है और यह संस्थाएं बाद में आर्थिक घोटाले करके निकल जाती है और आमजनता कुछ नहीं कर पाती। लोगों ने मांग की कि संस्था का वार्षिक आडिट किस आडिटर ने किया, यह भी सवालों के घेरे में है। अगर संस्था में अनियमितताएं हो रही थीं, तो इसे आडिटर ने क्यों नहीं पकड़ा? क्या आडिट प्रक्रिया में भी मिलीभगत थी? क्योकि संस्था वर्ष 2015-16 से संचालित होना बताया जा रहा है। विगत दिनों घोटाले से प्रभावित निवेशकों और एजेंटों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संस्था 015-16 से संचालित होना बताया जा रहा है। विगत दिनों घोटाले से प्रभावित निवेशकों और एजेंटों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने साख संस्था के पंजीयन से लेकर अब तक की सभी प्रक्रियाओं की गहन जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में 20 जनवरी 2025 को पुलिस ने 1 एफआईआर दर्ज की है।

पशुपतिनाथ साख संस्था के संचालक आशीष हाड़ा और उसके भाई को लेकर उनके पिता ने एक विज्ञप्ति जारी की है जिसमें बताया गया है कि मेरा मेरे दोनों पुत्रों से कोई लेना देना नहीं है, इस प्रकरण में कुछ नहीं कर सकता। आपको बता दें कि हाड़ा बंधुओं के पिता रतलाम जिले में पुलिस विभाग में एएसआई के पद पर कार्यरत है। @Copy

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