ब्रेकिंग
अफीम डोड़े मुखिया की निगरानी में तुड़वाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी-राज्यसभा सदस्य श्री गुर्जर, डीए... पोस्टमार्टम रूम के बाहर 20×30 फीट का विशाल शेड बनाया, रेडक्रॉस सोसाइटी नरसिंहगढ़ के अध्यक्ष एवं अनुवि... बस्तर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या म... बिना वैध लाइसेंस के पशु मांस और मछली की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक, उल्लंघन पर धारा 223 के तहत द... डीजीपी इलेवन ने जिला पुलिस बल भोपाल को 121 रनों से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। डीजीपी इलेवन टीम न... युवा वकीलों को वरिष्ठों के मार्गदर्शन में समय बिताना चाहिए, न कि केवल प्रचार पाने के लिए अदालत का सम... बीजेपी के पूर्व मंत्री श्री रावत विजयपुर से विधायक बने, एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला श्योपुर जिले के व... प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों के निर्माण एवं प्रगति की समीक्षा, राजगढ़ जिला पंचायत की... बच्चों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर जारी बहस के बीच केंद्र सरकार ने अपना रुख स्प... भारतीय क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 की चैंपियन बन चुकी है।

मन्दसौर सामान्य वनमण्डल – अनुभूति सह जागरूकता प्रेरक प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ

Madhya Pardesh//मन्दसौर। सामान्य वनमण्डल वनमण्डलाधिकारी ने बताया कि वन विभाग एवं म.प्र. ईको पर्यटन विकास बोर्ड, भोपाल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किये जाने वाले स्कूली विधार्थियों के प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम अनुभूति के इस वर्ष के शिविरों का आयोजन 15 दिसम्बर 2024 से 31 जनवरी 2025 के मध्य किया जाएगा। जिसके संबंध में अनुभूति सह जागरूकता प्रेरक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ईको सेन्टर काष्ठ डिपों मन्दसौर में संजय रायखेरे, वनमण्डलाधिकारी मन्दसौर एवं नरेश कुमार दोहरे, वनमण्डलाधिकारी रतलाम तथा श्रीमती सरोज रोज, उप वमण्डलाधिकारी गरोठ सीताराम नरगेश, उप वनमण्डलाधिकारी रतलाम की उपस्थिति में वृत्त स्तरीय मास्टर ट्रैनर गया प्रसाद मिश्रा एवं पदम परमार द्वारा वनमण्डल मन्दसौर, नीमच एवं रतलाम के 31 शासकीय एवं 06 अशासकीय प्रेरकों को अनुभूति सह जागरूकता प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी नवाचार करते हुवें खाद्य श्रृखला के सर्वाेच्चतम जीव बाघ के बारे में अधिक जागरूक करने एवं जंगलो को बचाने एवं पारिस्थितिकीय तंत्र के संतुलन में बाघ की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचय कराने के उद्देश्य से इस वर्ष की थीम ष्मैं भी बाघ एवं हम है बदलाव रखी गई है। मास्टर ट्रेनर द्वारा बताया गया कि अनुभूति शिविर कार्यक्रम में आने वाले विधार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां जैसे पक्षी एवं वन्यप्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, प्रकृति की पाठशाला, पर्यावरण रक्षा हेतु प्लास्टीक बेग का उपयोग नहीं करते हुवें कपड़े के थैले का उपयोग, वानिकी गतिविधयों की जानकारी, वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण के महत्व का रेखांकन, विधार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान, प्रश्नोत्तरी, वन अमले का परिचय, पर्यावरण रक्षा की सामूहिक शपथ के साथ पुरुस्कार वितरण आदि गतिविधयां आयोजित की जावेगी ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.