गंगा दशहरे पर सांसद, विधायक, अधिकारी,एनजीओं ने श्रमदान किया लेकिन स्वैच्छिक संगठोनों के नोडल म.प्र.जनअभियान परिषद् जिला, ब्लॉक तक नदारद रहे।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर शिवना नदी के घाट पर साफ सफाई की गई
Madhya Pardesh // मंदसौर। मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के नेतृत्व मे शासन प्रशासन एवं स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं ने 5 जुन पर्यावरण दिवस से 16 जून गंगा दशहरा पर श्रमदान किया गया। गंगा दशहरे पर सांसद, विधायक, अधिकारी,एनजीओं ने श्रमदान किया लेकिन स्वैच्छिक संगठोनों के नोडल माने जाने वाले म.प्र.जनअभियान परिषद् मंदसौर जिला, ब्लॉक अधिकारी कर्मचारी मुख्य कार्यक्रम से नदारद रहे।
जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा के पावन अवसर पर शिवना नदी के घाट पर साफ सफाई की गई। इस दौरान लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, मंदसौर विधायक विपिन जैन, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, मंदसौर एसडीएम एसएल शाक्य, सामाजिक कार्यकर्ता, समाजजन, आम नागरिक, पत्रकार मौजूद थे।

जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से जिले के 194 तालाबों एवं 56 बावड़ीयो का जीर्णोद्धार किया गया। साथ ही जिले के 500 स्थान पर वृक्षारोपण के लिए जगह चिन्हित की गई। इस अभियान के पश्चात जितनी भी पुरानी जल संरचनाए वापस अपने पुनः मूल स्वरूप में आ गई। जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” को साझा प्रयासों से मूर्तरूप दिया गया। अपने-अपने गाँव की पुरानी जल संरचनाओं को सहेजने के लिये ग्रामीणजन उत्साह के साथ आगे आए और काम किया। जिले के ग्रामीण अंचल में जन सहयोग से पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का काम किया गया। इन संरचनाओं से जल ग्रहण क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार में अधिकाधिक जनभागीदारी देखी गई, जिससे ये संरचनाएँ गुणवत्ता के साथ पुनर्जीवित हों रही है। साथ ही इनके प्रति स्थानीय लोगों में लगाव पैदा हुआ। जल संरचनाओं के आसपास देख-रेख के पुख्ता इंतजामों के साथ वृहद स्तर पर वृक्षारोपण भी किया जाएगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत घाट पर ही सभी को संकल्प भी दिलाया गया
मैं परमपिता परमेश्वर का कृतज्ञ हूँ कि उन्होंने क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर पंच महाभूतों की सार्वभौम विरासत हमें प्रदान की हैं। मैं राष्ट्र निर्माण के लिए इस सार्वभौमिक विरासत जल एवं जलस्रोतों के संरक्षण का संकल्प लेता हूँ। मैं संकल्प लेता हूँ कि जल संग्रहण संरचनाओं और जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के सभी अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाऊंगा। मैं संकल्प लेता हूँ कि प्रदेश की जल संरचनाओं को अतिक्रमण और प्रदूषण से बचाने के लिए मैं स्वयं और अपने समाज को हमेशा प्रेरित करूंगा।
