ब्रेकिंग
“विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा”-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में निकाली तिरंग... मंदसौर में फिर गरमाई सियासत, भाजपा पदाधिकारी को फोन पर गाली-गलौज और धमकी का मामला दर्ज मंदसौर जिला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जुआ-सट्टा और अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज मध्यप्रदेश विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिलः उपमुख्यमंत्री देवड़ा एसपी के निर्देशन में मंदसौर पुलिस की सट्टा-जुआ के खिलाफ कार्रवाई, चार प्रकरणों में 7 आरोपी गिरफ्तार,... मध्यप्रदेश पटवारियों का आंदोलन स्थगित, शासन ने प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियानः उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने चंदवासा में किया जनसंवाद, सुनीं आमजन की... मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की शुरुआत छिंदवाड़ा से, हर शुक्रवार जनता के बीच पहुंचेंगे अधिकारीः मुख्... मंदसौर में सट्टा लिखते युवक गिरफ्तार, नगदी व सट्टा पर्ची जब्त मंदसौर विधायक विपिन जैन ने अधिकारियों की लापरवाही पर जताई बड़ी नाराजगी, विजन डॉक्यूमेंट बैठक मे बोले ...

धारदार हथियार से पिता की हत्या, पुत्र को आजीवन कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा से दण्डित

मंदसौर। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीष मंदसौर द्वारा आरोपी गोपाल नायक पिता मन्नालाल उम्र 35 साल नि0 भुवानगढ सीतामउ जिला मंदसौर को हत्या करने का दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं 7 हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी दीपक जमरा द्वारा बताया कि 30.11.2020 को फरियादी गोपाल (आरोपी) ने देहाती नालसी लेख कराई कि मेरे पिताजी रात के करीब 8 बजे खाना खाकर रखवाली के लिये खेत पर गए थे। चाय पीने वापस नहीं आए सुबह 7 बजे मैने खेत पर जाकर देखा तो वहां पर मरे पडे थे मेरे पिताजी की लाष खाट के पास पडी थी किसी ने धारदार हथियार से सीधे हाथ पर मारकर उनकी हत्या कर दी।
फरियादी (आरोपी) की रिपोर्ट पर से देहाती नाल्सी क्रमांक 0/2020 दर्ज की गई। विवेचना के दौरान मृतक मन्नालाल के पुत्र गोपाल पर शंका होने पर पुलिस द्वारा उससे कढाई से पूंछताछ करने पर तो आरोपी ने बताया कि मेरी शादी को करीब 10 साल हो चुके है। उसे बच्चा नहीं हुआ था इसी बात को लेकर मेरे पिता मन्नालाल हमेषा बोलते थे कि तू रण्डवा है तुझे बच्चा नहीं होगा तेरी पत्नी पिंकी को मेरे पास भेज दे मैं बच्चा पैदा कर दूंगा। इसी बात को लेकर हमेषा हमारे घर में झगड़ा होता था इसी कारण मेरी पत्नी पिंकी घर छोड़कर मायके चली गई थी। घटना दिनांक 30.11.2020 को मेरे पिताजी ने सबके सामने मेरी बेइज्जती की थी तू रण्डवा है तेरी पत्नी को मेरे पास भेज दे। हम दोनो बाप बेटो में झगड़ा हो गया था इसलिए मैने गुस्से में आकर पत्थर व कुल्हारी मारकर हत्या कर दी।
अभियोजन द्वारा रखे गये तथ्यों एवं तर्कों से सहमत होकर माननीय न्यायालय ने आरोपी गोपाल नायक को आजीवन सश्रम कारावास एवं 7 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.