नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश मिलते ही लोकसभा सचिवालय ने उस पर अमल करते हुए उनकी सदस्यता बहाल की कार्रवाई की। इससे एक ओर जहां कांग्रेस में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं अब राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा में भी भाग ले सकेंगे। मिली जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाए जाने के बाद अब उनकी संसद सदस्यता फिर से बहाल हो गई है।
लोक सभा सचिवालय ने 4 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का हवाला देते हुए सोमवार को एक अधिसूचना जारी कर केरल की वायनाड लोकसभा सीट से राहुल गांधी की संसद सदस्यता फिर से बहाल कर दी है। राहुल की सदस्यता बहाल करने पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि स्पीकर ने आज ये फैसला लिया। हमने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलते ही हमने इसे बहाल कर दिया। गैरतलब है कि कि गुजरात के सूरत की एक अदालत द्वारा राहुल गांधी को दो साल की सजा दी गई थी। इसके बाद, लोक सभा सचिवालय ने 24 मार्च 2023 को एक नोटिफिकेशन जारी कर 23 मार्च 2023 से उनकी लोक सभा की सदस्यता को रद्द कर दिया गया था। बता दें कि राहुल गांधी 2019 के लोक सभा चुनाव में केरल के वायनाड से सांसद चुने गए थे।
हालांकि मोदी सरनेम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सजा दी थी, लेकिन 4 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में उनकी सजा पर रोक लगा दी थी, जिससे उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल करने का रास्ता साफ हो गया था। अब बिरला दफ्तर को सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलते ही उन्होंने सोमवार को राहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने पर फैसला ले लिया है। इधर कांग्रेस भी चाहती थी कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता जल्द से जल्द बहाल हो जाए, जिससे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में उनकी भागीदारी का रास्ता साफ हो जाए। यहां यह बात गौरतलब है कि राहुल गांधी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को उनके खिलाफ मानहानि मामले में उनकी सजा पर रोक लगा दी थी। हालांकि सूरत की एक अदालत ने पहले उन्हें दोषी पाया था और उन्हें अधिकतम दो साल की कैद की सजा सुनाई थी, जिसके कारण उन्हें लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। लेकिन अब गुजरात हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।