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गो-शालाओं को मिले 202 करोड़ रूपये, जैविक खाद निर्माण, गो-मूत्र औषधि, वर्मीपिट, गोबर गैस प्लांट आदि का होगा निर्माण

भोपाल। पशुपालन मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि प्रदेश की पंजीकृत गो-शालाओं में गो-वंश के पोषण के लिये वर्ष 2022-23 में अब तक की सर्वाधिक 202 करोड़ 33 लाख रूपये की राशि प्रदाय की गई है। मंत्री श्री पटेल ने गो-शालाओं के लिए उपलब्ध कराई गई राशि के लिये मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है। श्री पटेल ने कहा है कि पिछले वर्षों की तुलना में यह राशि कई गुना अधिक है। इससे गो-शालाओं को काफी मदद मिली है और आत्म-निर्भरता में भी वृद्धि हुई है।

मंत्री श्री पटेल ने बताया कि वर्ष 2019-20 में 1583 गो-शालाओं के एक लाख 69 हजार गो-वंश के लिये 41 करोड़ 62 लाख, वर्ष 2020-21 में 1603 गो-शालाओं के 2 लाख 43 हजार गो-वंश के लिये 94 करोड़ 67 लाख, वर्ष 2021-22 में 1630 गो-शालाओं के 2 लाख 76 हजार गो-वंश के लिये 77 करोड़ 89 लाख रूपये और इस वर्ष 1758 गो-शालाओं के 2 लाख 78 हजार गो-वंश के लिये 202 करोड़ 33 लाख रूपये की राशि प्रदाय की गई है। गो-शालाओं में 20 रूपये प्रति गो-वंश दिया जाता है, इसमें 15 रूपये चारा और 5 रूपये सुदाना के लिये शामिल है।

प्रदेश में मुख्यमंत्री गो-सेवा योजना और अशासकीय संस्थानों द्वारा 1758 गो-शालाएँ संचालित कर निराश्रित गो-वंशों का पालन-पोषण किया जा रहा है। गो-शालाओं में गो-काष्ठ, गोबर से गमले आदि बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी दी जाती है। गो-शालाओं में जैविक खाद निर्माण, गो-मूत्र औषधि, वर्मीपिट, गोबर गैस प्लांट आदि का निर्माण कर आय के स्रोत भी सृजित किये जाते हैं।

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