मंदसौर,। मध्यप्रदेश, मंदसौर जिले के भानपुरा ब्लॉक के पांच गांवों में मलेरिया के पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह के निर्देश पर ग्राम कोटड़ी टैंक, छोटी कोटड़ी, भानपुरा छतरी, थगी और बड़ोदिया में विशेष स्वास्थ्य टीमों का गठन कर घर-घर सघन सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने और संक्रमण की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
643 घरों का सर्वे, 28 लोग मलेरिया पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित गांवों में अब तक 643 घरों का सर्वे किया है। इस दौरान 2,969 पानी के कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें 46 घरों में मच्छरों का लार्वा मिलने पर उसे तत्काल नष्ट किया गया।
जांच अभियान के दौरान 216 लोगों की रैपिड किट से मलेरिया जांच की गई, जिसमें 15 व्यक्ति पॉजिटिव पाए गए। वहीं, 153 ब्लड स्लाइड तैयार कर जांच की गई, जिनमें 13 व्यक्तियों में मलेरिया की पुष्टि हुई। इस प्रकार दोनों जांच प्रक्रियाओं में कुल 28 पॉजिटिव परिणाम सामने आए हैं।
दो मरीजों की मौत की सूचना, डेथ ऑडिट जारी
प्रभावित क्षेत्र में बुखार से संबंधित दो मरीजों की मृत्यु की सूचना मिली है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों मामलों का डेथ ऑडिट किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आएगी। फिलहाल इन मौतों को मलेरिया से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा, जब तक इसकी पुष्टि नहीं हो जाती।
फॉगिंग और एंटी-मलेरिया गतिविधियां तेज
मलेरिया के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावित गांवों में फॉगिंग और पायरेथ्रम स्प्रे कराया जा रहा है। मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए नालियों में टेमीफॉस का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने और मलेरिया से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की नागरिकों से अपील
डॉ. आर.के. द्विवेदी ने नागरिकों से अपील की है कि वे मलेरिया से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और पानी के बर्तनों तथा टंकियों की नियमित सफाई करें।
उन्होंने कहा कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें। तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर मलेरिया की जांच करवाएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार लें।
बतादें, स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रभावित गांवों में संक्रमण पर नियंत्रण रखना, नए मामलों की समय पर पहचान करना और लोगों को मलेरिया से सुरक्षित रखना है।