राहुल गांधी ने यह भी कहा कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद परंपरा के अनुसार नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर मिलता है, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित कांग्रेस की ’किसान महा चौपाल’ में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने संसद में पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब पर चर्चा करनी चाही, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि किताब में जिक्र है कि चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे।
राहुल गांधी के अनुसार, उस समय नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर आदेश मांगे, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि नरवणे ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी संपर्क किया, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं मिली।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे बाद नरवणे ने फिर रक्षा मंत्री से बात की और प्रधानमंत्री से संपर्क करने को कहा। उनके अनुसार, सीधे बात किए बिना संदेश भेजा गया कि ’जो उचित समझो, वो करो।’ राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब के अनुसार उस दिन सरकार ने सेना को अकेला छोड़ दिया।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद परंपरा के अनुसार नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर मिलता है, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। सभा के दौरान राहुल गांधी ने देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
इसके अलावा उन्होंने यूथ कांग्रेस को लेकर कहा कि यूथ कांग्रेस के साथियों, आप ’बब्बर शेर’ हो। आप किसी से नहीं डरोगे। भोपाल में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे। कांग्रेस किसान महाचौपाल’ में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नरेंद्र मोदी को मनरेगा योजना को वापस बहाल करना पड़ेगा। नया कानून गरीबों के लिए नुकसानदेह है, इसलिए हम सभी मनरेगा को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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