सीहोर में बोले मुख्यमंत्री डॉ. यादव- केंद्र के साथ कदम से कदम मिलाकर पूरा करेंगे आत्मनिर्भरता का संकल्प; केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने पोर्टल का किया शुभारंभ
भोपाल।। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को सीहोर के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन का भव्य शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का फूड बॉस्केट है और दलहन उत्पादन में देश में पहले स्थान पर होने के कारण राष्ट्रीय मिशन का सर्वाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा।
उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 350 लाख टन तक पहुँचाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। कार्यक्रम में इकार्डा (ICARDA) के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र और अत्याधुनिक प्लांट टिशु कल्चर प्रयोगशाला का लोकार्पण भी किया गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दालों के मामले में आयात पर निर्भरता खत्म करना देश के हित में है। उन्होंने बताया कि अब कृषि मंत्रालय दिल्ली के कमरों से नहीं बल्कि गाँवों और खेतों से चल रहा है। चौहान ने मध्यप्रदेश को दलहन मिशन के तहत 354 करोड़ रुपये की बजट राशि का स्वीकृति-पत्र सौंपा और घोषणा की कि केंद्र सरकार सभी दलहन फसलों की शत-प्रतिशत खरीदी करेगी। उन्होंने बताया कि किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये का प्रोत्साहन और दाल मिल स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। देशभर में 1000 नई दाल मिलें खोली जाएंगी, जिनमें से 55 मध्यप्रदेश में स्थापित होंगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि के वैश्विक मॉडल पर जोर देते हुए कहा कि सिंचाई का रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करना सरकार का संकल्प है। केन-बेतवा और पीकेसी नदी जोड़ो परियोजनाओं से इसमें और तेजी आएगी। अंतरराष्ट्रीय दलहन अनुसंधान केंद्र (इकार्डा) के महानिदेशक श्री अली अबुर साबा और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने भी तकनीकी सत्रों में दलहन उत्पादकता बढ़ाने पर विचार रखे। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों को मिशन के बजट स्वीकृति-पत्र सौंपे गए और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बुलेटिन का विमोचन हुआ।
इस राष्ट्रीय आयोजन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, भागीरथ चौधरी सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और ओडिशा जैसे कई राज्यों के कृषि मंत्री एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।