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मंदसौर पुलिस ने पशुपतिनाथ बैंक के नाम पर धोखाधडी मे फरार चल रहे 5000 रु के ईनामी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

Madhya Pardesh//मंदसौर। पशुपतिनाथ बैंक के नाम पर धोखाधडी मे फरार चल रहे 5000 रु के ईनामी उदघोषित आरोपियों को वाय.डी. नगर पुलिस ने पुलिस अधीक्षक जिला मंदसौर अभिषेक आनन्द द्वारा धोखाधडी, फ्राड, एवं सहकारी संस्था के नाम पर लोगो से धोखाधडी करने संबंधी अपराधो पर अंकुश लगाने के निर्देश पर कार्यवाही करते एवं अति. पुलिस अधीक्षक गौतम सोलंकी एवं नगर पुलिस अधीक्षक मंदसौर सतनाम सिंह के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी थाना वाय.डी. नगर संदीप मंगोलिया के कुशल नेतृत्व में उनि विनय बुंदेला को धोखाधडी के आरोपीगणों को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त हुई।
 घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 20.01.2025 को एक लेखी आवेदन पत्र फरियादी रामप्रसाद पिता सुखलाल कुमावत, कार्यालय उपायुक्त सहकारिता जिला मन्दसौर ने धोखाधडी संबंधी आवेदन पेश किया जिसकी जाँच अधिकारी उनि विनय बुंदेला द्वारा करते आरोपी आशिष पिता छगनलाल हाडा एवं अंकित पिता छगनलाल हाडा दोनो निवासी अरोरा कालोनी संजीत नाका मन्दसौर के विरुद्द अपराध धारा 318(4),316(5),3(5) BNS म.प्र.सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा 57(ब)(1), 58(1)(ए) का पाया जाने से अपराध पँजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया दौराने विवेचना मे आरोपीगण घटना दिनांक के पुर्व से फरार है जिसकी तलाश पुलिस थाना वायडी नगर द्वारा की जा रही थी। फरार आरोपीगणों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनो ही आरोपीगणो पर 5000 रु का ईनाम उदघोषणा की गई, 07.02.2025 को उनि विनय बुदेला व उनि कपिल सोराष्ट्रीय को मुखबिर सुचना प्राप्त होने पर सुचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुये आरोपीगण आशिष पिता छगनलाल हाडा एवं अंकित पिता छगनलाल हाडा दोनो निवासी अरोरा कालोनी संजीत नाका मन्दसौर को गिरफ्तार किया गया । दोनो ही आरोपीगणो से धोखाध़डी किये गये करोडो रूपयो के संबंध मे पुछताछ की जा रही है । निरीक्षक संदीप मंगोलिय थाना प्रभारी  वाय.डी. नगर एवं उनि विनय बुंदेला, उनि कपिल सौराष्ट्रीय, प्रआर. 494 दिनेश धाकड व  थाना वायडीनगर टीम का सराहनीय योगदान रहा ।

 

बतादें, कार्यालय उपायुक्त मंदसौर की रिपोर्ट पर पशुपतिनाथ साख संस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो लोगो के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामप्रसाद कुमावत कार्यालय उपायुक्त मंदसौर की रिपोर्ट पर पशुपतिनाथ साख संस्था के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आशिष पिता छगनलाल हाड़ा व अकिंत पिता छगनलाल हाड़ा निवासी अरेरा कॉलोनी मंदसौर के खिलाफ वायडी नगर पुलिस थाना पर प्रकरण क्रमांक 26/2025 धारा 318(4),316(5), 3(5) बीएनएस तथा म.प्र. राज्य सहकारी सोसायटी अनधननयम 1960 की धारा 57(ब)(1),58(1) (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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यह है मामला – पशुपतिनाथ साख संस्था द्वारा जमा धन डकारने का

मंदसौर और नीमच जिले में पशुपतिनाथ साख संस्था द्वारा किए गए घोटाले से सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई के पैंसे जमा होकर डूबने की कगार पर है।

जमाकर्ता उपभेक्ता एवं संस्िा के एजेंटों द्वारा विगत दिनों पुलिस को ापन दिये गये थें, इस प्रकरण में उप आयुक्त सहकारिता विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे। आरोप है कि विभाग को पहले से जानकारी थी कि यह संस्था आर्थिक घपला घोटाला कर भाग सकती है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। इस प्रशासनिक उदासीनता ने अनेक यक्ष प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सबसे बडी बात यह है कि सहकारिता विभाग मंदसौर बिना किसी बडी जांच या पडताल के
बिना किसी बडी जांच या पडताल के संस्थाओं का पंजीयन कर देते है, पंजीयन के बाद संस्था का वार्षिक आडिट सहकारिता विभाग के प्रशासक करते है लेकिन वे भी लेन देन करके इन संस्थाओं को क्लिन चीट दे देते है और यह संस्थाएं बाद में आर्थिक घोटाले करके निकल जाती है और आमजनता कुछ नहीं कर पाती। लोगों ने मांग की कि संस्था का वार्षिक आडिट किस आडिटर ने किया, यह भी सवालों के घेरे में है। अगर संस्था में अनियमितताएं हो रही थीं, तो इसे आडिटर ने क्यों नहीं पकड़ा? क्या आडिट प्रक्रिया में भी मिलीभगत थी? क्योकि संस्था वर्ष 2015-16 से संचालित होना बताया जा रहा है। विगत दिनों घोटाले से प्रभावित निवेशकों और एजेंटों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संस्था 015-16 से संचालित होना बताया जा रहा है। विगत दिनों घोटाले से प्रभावित निवेशकों और एजेंटों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने साख संस्था के पंजीयन से लेकर अब तक की सभी प्रक्रियाओं की गहन जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में 20 जनवरी 2025 को पुलिस ने 1 एफआईआर दर्ज की है।

पशुपतिनाथ साख संस्था के संचालक आशीष हाड़ा और उसके भाई को लेकर उनके पिता ने एक विज्ञप्ति जारी की है जिसमें बताया गया है कि मेरा मेरे दोनों पुत्रों से कोई लेना देना नहीं है, इस प्रकरण में कुछ नहीं कर सकता। आपको बता दें कि हाड़ा बंधुओं के पिता रतलाम जिले में पुलिस विभाग में एएसआई के पद पर कार्यरत है। @Copy

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