भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिये विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रमुखों से निरंतर वन-टू-वन चर्चा विभिन्न मंचों पर की जा रही है। इससे प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। वन-टू-वन चर्चा से उद्योगपतियों को उद्योग स्थापना में आने वाली दिक्कतों एवं उनके निराकरण पर सकारात्मक चर्चा कर निराकरण भी हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी क्रम में शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में 31 प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन-टू-वन चर्चा में उद्योगपतियों के सुझाव पर उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी बातों पर न केवल गंभीरता से विचार किया जायेगा, बल्कि प्रदेश के विकास के लिये “आउट ऑफ द वे” जाकर निराकरण भी किया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन-टू-वन बैठक के माध्यम से विभिन्न उद्योगपतियों से उनकी आवश्यकताओं, चुनौतियों और विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। डॉ. यादव ने राज्य में निवेश की नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की प्रतिबद्धता जताई और सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं और प्रोत्साहनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य राज्य में उद्योगों के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे न केवल स्थानीय व्यवसायों को फायदा हो, बल्कि बाहरी निवेशक भी प्रोत्साहित होकर मध्यप्रदेश में आकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ायें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलकाता के 31 उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। चर्चा में उद्योगपतियों ने भी अपने विचार साझा किए और राज्य में निवेश करने की संभावनाओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विभिन्न उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाने और नई योजनाओं को लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी उद्योगपतियों को राज्य में अधिक से अधिक निवेश करने और सरकार के विकासात्मक एजेंडे में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद करेगी, बल्कि राज्य को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।