भोपाल। मध्य प्रदेश में सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया. राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राजभवन में एक संक्षिप्त समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी, राम निवास रावत टीम मोहन में शामिल।
मध्य प्रदेश में विजयपुर से विधायक रामनिवास रावत ने सोमवार सुबह नौ बजे कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने रावत को मंत्री पद की शपथ दिलाई।
कांग्रेस से भाजपा में आए रामनिवास रावत ने सोमवार सुबह कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। इससे डॉ. मोहन यादव सरकार में मुख्यमंत्री समेत 31 मंत्री हो गए हैं। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने सोमवार सुबह नौ बजे रावत को मंत्री पद की शपथ दिलाई। राजभवन में हुए इस संक्षिप्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री समेत राज्य के कई मंत्री मौजूद रहे। कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष न बनाए जाने से नाराज चल रहे श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से विधायक रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा में आमद दी थी। इससे ग्वालियर-चंबल अंचल में भाजपा की स्थिति मजबूत हुई है। फिलहाल रावत ने कांग्रेस विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। मंत्री बनने के बाद उनका इस्तीफा तय है। इस्तीफा देने के बाद रावत को छह महीने के भीतर विधायक बनना होगा वरना उनका मंत्री पद स्वतः ही खत्म हो जाएगा। कैबिनेट विस्तार के बाद मध्य प्रदेश में कुल मंत्रियों की संख्या 31 हो गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मंत्रिमंडल में एक नए सदस्य का आगमन हुआ है। कैबिनेट मंत्री के नाते रामनिवास रावत के अनुभव का लाभ मिलेगा। उनके अनुभव का सरकार और क्षेत्र की जनता को लाभ मिलेगा। पिछड़े और विकास की संभावनाओं वाले क्षेत्र से प्रतिनिधित्व मिल रहा है।
रावत की जुबान फिसली
रावत को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली तो उनकी जुबान फिसल गई। उन्होंने राज्य के मंत्री के बजाय कह दिया कि – “मैं मध्य प्रदेश के राज्यमंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक और शुद्ध अंतःकरण से निर्वहन करूंगा।” इससे गफलत हुई कि वह राज्यमंत्री बनाए गए हैं। हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि वे कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। उन्हें दोबारा शपथ लेनी पड़ी।
कांग्रेस से भाजपा में आए रामनिवास रावत ने सोमवार सुबह कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। इससे डॉ. मोहन यादव सरकार में मुख्यमंत्री समेत 31 मंत्री हो गए हैं। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने सोमवार सुबह नौ बजे रावत को मंत्री पद की शपथ दिलाई। राजभवन में हुए इस संक्षिप्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री समेत राज्य के कई मंत्री मौजूद रहे। कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष न बनाए जाने से नाराज चल रहे श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से विधायक रामनिवास रावत ने लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा में आमद दी थी। इससे ग्वालियर-चंबल अंचल में भाजपा की स्थिति मजबूत हुई है। फिलहाल रावत ने कांग्रेस विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। मंत्री बनने के बाद उनका इस्तीफा तय है। इस्तीफा देने के बाद रावत को छह महीने के भीतर विधायक बनना होगा वरना उनका मंत्री पद स्वतः ही खत्म हो जाएगा। कैबिनेट विस्तार के बाद मध्य प्रदेश में कुल मंत्रियों की संख्या 31 हो गई है।
कौन हैं रामनिवास रावत
श्योपुर की विजयपुर सीट से विधायक रामनिवास रावत छह बार के विधायक हैं। वह कांग्रेस के उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाने से नाराज थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली थी। रावत पहली बार 1990 में विधायक बने थे। वह 1993 में दिग्विजय सिंह कैबिनेट का हिस्सा रहे। रावत को दो बार विधानसभा चुनाव में हार का भी सामना करना पड़ा। 64 वर्षीय रावत ने 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में लोकसभा का चुनाव भी लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। उनके परिवार में पत्नी उमा रावत के अलावा दो बेटे और दो बेटियां है। उनका पेशा वकालत है। उन्होंने बीएससी, एमए, एलएलबी की पढ़ाई की है।