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14 वर्ष से कम उम्र के बाल श्रमिकों उद्योगों में नियोजित करना पूर्णतः प्रतिबंधित, बालश्रम निषेध दिवस पर जिम्मेदारों ने बताया रू. 20000/- से 50000/- तक का जुर्माना और कारावास का प्रावधान

विश्व बालश्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य बाल एवं कुमार श्रमिकों के उन्मूलन हेतु जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला का हुआ आयोजन

Madhya Pardesh // मंदसौर 12 जून 24/ विश्व बालश्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में स्लेट पेन्सिल काम्पलेक्स, औद्योगिक क्षेत्र मंदसौर में बाल एवं कुमार श्रमिकों के उन्मूलन हेतु जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रम पदाधिकारी मंदसौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश विवेक बुखारिया, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति मंदसौर शंकर डोडियार, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग पी.सी. चैहान, जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार, मंदसौर युनिसेफ से सोनिक मिश्रा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

बाल एवं कुमार श्रम उन्मूलन के संबंध में तथा संविधान में दिये गये अधिकारों से स्लेट पेन्सिल संचालकों एवं श्रमिकों को अवगत कराया गया। प्रावधान अनुसार 14 वर्ष से कम उम्र के बाल श्रमिकों को किसी भी नियोजन में नियोजित करना तथा 14 से 18 वर्ष के कुमार श्रमिकों को खतरनाक उद्योगों में नियोजित करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। बाल एवं कुमार श्रम अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर नियोजक के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही के प्रावधान किये गये है, जिसमें रू. 20000/- से 50000/- तक का जुर्माना या 6 माह से 2 वर्ष का कारावास अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।

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