पटवारियों ने धरना स्थल पर सामूहिक रूप से इस्तीफा लिखकर कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो संगठन का सामूहिक रूप से इस्तीफा मंजूर करें। रामसिंह- जिलाध्यक्ष पटवारी संघ, मंदसौर
मंदसौर। वेतनमान विसंगति दूर करने, वेतनवृद्धि और पदवृद्धि जैसी मांगों को लेकर बीते दिनों से हड़ताल कर रहे पटवारीयों ने गुरूवार को सामहिक स्तीफा देने की घोषणा की। मध्यप्रदेश सरकार के कार्रवाई के आदेश पर जिले के पटवारियों ने सामूहिक इस्तीफा लिख जिलाध्यक्ष को सौंप दिया है। जिसमें कहा गया है कि सरकार उनकी मांगे नहीं मानती है तो इस्तीफा मंजूर करें।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश के 19 हजार पटवारियों सहित मंदसौर जिले के 330 पटवारी किला क्षेत्र के तहसील परिसर पिछले एक माह से वेतन विसंगति सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल पर बैठे हैं।
सरकार के नहीं सुनने पर पिछले दिनों से पटवारियों ने क्रमिक भूख शुरू की थी। हड़ताल कर रहे पटवारियों का कहना है कि वे 25 सालों से अपनी वेतन विसंगति मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन सरकर ने उनकी कोई मांग नहीं मानी है। अब दमनकारी नीति अपनाकर धमकाया जा रहा है। लिहाजा संगठन के आदेश पर जिले सभी पटवारियों सामूहिक इस्तीफा पटवारी संगठन के प्रदेशाध्यक्ष को सौंप रहे हैं।
पटवारियों की हड़ताल के बाद बुधवार को आयुक्त संदीप यादव ने एक पत्र प्रदेश के सभी कलेक्टर को भेजकर हड़ताली पटवरियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पटवारी संगठन के जिलाध्यक्ष रामसिंह ने बताया कि बुधवार को जारी हुए पत्र के बाद संगठन के निर्देश पर पटवारियों ने धरना स्थल पर सामूहिक रूप से इस्तीफा लिखकर कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो संगठन का सामूहिक रूप से इस्तीफा मंजूर करें। जिलाध्यक्ष के अनुसार, यह इस्तीफा प्रदेशाध्यक्ष भेजेंगे। अंतिम निर्णय संगठन मिलकर करेगा।
इन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन
यह भी मांगे हैं पटवारियों की
– समयमान की वेतन विसंगति को सुधारा जाए।
– पदोन्नति दी जाए। क्रमशः आरआइ, नायब तहसीलदार और तहसीलदार।
– गृह भाड़ा और यात्रा भत्ते संबंधी अन्य भत्ते बढ़ाए जाएं।
